Agentes de IAAI Signaldot-ai_agentsdot-artificial_intelligencedot-generative_aidot-googleHindiidioma-hiyt-A6W7DuT57UU
Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Chai aur Code.
इस सामग्री के बारे में: नीचे दिया गया सारांश, मुख्य बिंदु और विषय वीडियो की ट्रांसक्रिप्ट से स्वचालित रूप से तैयार किए गए हैं। वे वीडियो में प्रस्तुत सामग्री, राय, दावों और भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं और IA Dots की ओर से किसी समर्थन, सत्यापन या तथ्य-जांच का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
वीडियो सारांश
यह वीडियो AGUI (Agent User Interaction) प्रोटोकॉल के सैद्धांतिक पहलुओं और इसके महत्व को समझाता है। वीडियो में यह बताया गया है कि कैसे AGUI पारंपरिक रिक्वेस्ट-रिस्पांस मॉडल को बदल रहा है, एआई एजेंट्स और फ्रंटएंड के बीच की स्थिति (state) को प्रबंधित करता है, और फ्रंटएंड डेवलपर्स की भूमिका को 'क्लासिक' से 'एजेंटिक' में बदल रहा है।
मुख्य बिंदु
AGUI एक नया ओपन और लाइटवेट इवेंट-बेस्ड प्रोटोकॉल है जो एजेंट यूजर इंटरेक्शन को मैनेज करता है।
पारंपरिक ऐप्स रिक्वेस्ट-रिस्पांस मॉडल पर काम करती हैं, जबकि एआई एजेंट्स टोकन स्ट्रीम करते हैं और उन्हें टूल कॉल्स तथा यूजर इन-द-लूप जैसी जटिलताओं को संभालना होता है।
AGUI विभिन्न फ्रेमवर्क्स में स्ट्रीमिंग, स्टेट्स, टूल्स और जनरेटिव UI को मानकीकृत (standardize) करने का काम करता है।
यह प्रोटोकॉल रिएक्ट या व्यू जैसी फ्रंटएंड लाइब्रेरीज को प्रतिस्थापित नहीं करता है, बल्कि इसमें एजेंट-संचालित स्टेट्स को संभालने के लिए नए कंपोनेंट्स जोड़े जाते हैं।
AGUI मूल रूप से लैंगचेन और क्रू एआई पारिस्थितिकी तंत्र से शुरू हुआ था और अब इसमें कई अन्य फर्स्ट-पार्टी इंटीग्रेशन भी शामिल हो रहे हैं।
उपलब्ध कैप्शन का पाठ; इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
हां जी कैसे हैं आप सभी? स्वागत है आप सभी का चाय और कोड में और एक और नया वीडियो। यह वीडियो है एजीयूआई के बारे में। अब एजीयूआई एक ऐसा टॉपिक है जिस पे ज्यादा एआई की भी हाइप नहीं मिलेगी और ऑब्वियस सी बात है प्रोजेक्ट गेट पे है तो स्पॉन्सर्ड वीडियो भी नहीं होते हैं। तो दोनों ही तरीके से इन प्रोजेक्ट्स को हाइप नहीं मिलती। बट जैसे ही आप प्रोडक्शन के अंदर जाओगे स्पेशली इंडस्ट्रीज के अंदर जाओगे तो वहां आप देखोगे कि जितनी भी कंपनियां एआई के अंदर मूव होने की कोशिश कर रही है स्पेशली जितने भी सैस बिज़नेसेस हैं वो सब के सब एजीयूआई को जानते हैं। इसको एज ए प्रीरिक्व्विज़िट्स भी मानते हैं और पूछते भी हैं कि क्या आपने एजीयूआई पे थोड़ा बहुत भी काम किया है। एटलीस्ट आपको आईडिया भी है क्या? क्योंकि ज्यादा लोगों ने एजीआई पे काम नहीं किया है। बट एटलीस्ट जिनको थोड़ा भी आईडिया है ऑब्वियस सी बात है प्रेफरेंस वहां बनती है। अब यह एजीयूआई है क्या? यह पूरा वीडियो इसी बारे में है ताकि मैं आपको थ्योरिटिकली समझा सकूं कि यह है क्या? यह एक नया प्रोटोकॉल है। जैसे आपने एमसीपी सुना था। एमसीपी को तो बहुत हाइप मिल गई थी क्योंकि एंथ्रोपिक बैग था। इसको इतनी हाइप नहीं मिलने वाली है बट यूज़बल बहुत है। अगर आप इस पे देखोगे तो हां जी। कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं है। सिक्स 4655 कमिट्स हैं। फोक्स भी बहुत हैं। वॉचर्स भी बहुत हैं। और मैंने पर्सनली इसको इंडस्ट्री में यूज़ होते हुए देखा है। नॉट थोड़ा बहुत नहीं फुल फ्लजड स्केल के ऊपर। अगर आप यहां पर पहला ही डायग्राम देखोगे तो आपको दिखेगा कि आपकी एप्लीकेशन एजीयूआई प्रोटोकॉल को फॉलो करती है और उसके बाद आप जो भी एआई यूज़ कर रहे हो जिस भी फ्रेमवर्क जिस भी सर्विस से उसको सबको यह मैच कर जाता है। आपके lang्राफ इकोसिस्टम है aws badk है यहां पे Microsoft एजेंट फ्रेमवर्क है। Google एडी के और बहुत ही जल्दी क्लाउड फ्लेयर एजेंट्स और ओपन एi के भी यहां पे आपको देखने को मिल जाएंगे। अब बात यह आती है कि एक्चुअली में यह है क्या? पहले समझ में तो आए एक बार जब हमें समझ में आ गया कि यह चीज है क्या तब तो हम ईजीली इसका काम कर देंगे। तो पूरा वीडियो इसी बारे में है कि हम समझें कि एक्चुअली में यह एजीयूआई होता क्या है? ओके तो अब हमारी जब फ्रेम सेट हो गई है प्रेजेंटेशन के लिए तो हम स्टार्ट करते हैं। बट उससे पहले एक छोटा सा कमेंट टारगेट ज्यादा नहीं। अगर हम 100 कमेंट्स भी कर पाते हैं इस सच ए नीश वीडियो के ऊपर तो भी मेरे को बहुत अच्छा लगेगा कि आप कुछ नया आए। आप यहां पे कुछ नया सीख के गए एंड आई विल बी सुपर हैप्पी। तो शुरू करते हैं एजीयूआई। फर्स्ट ऑफ़ ऑल एजीयूआई एक प्रोटोकॉल है। प्रोटोकॉल मींस सिंपल कुछ ये स्टैंडर्ड्स आपको प्रोवाइड करता है। यह आपके डेटा में छेड़छाड़ नहीं करता है। अब सबसे पहले एजीयूआई जो है यह है एजेंट यूजर इंटरेक्शन प्रोटोकॉल। अगर आपने इससे पहले एमसीपी सुना है या फिर ए टू ए प्रोटोकॉल सुना है। यह थर्ड लेयर है उस प्रोटोकॉल के अंदर और यह बहुत नेसेसरी लेयर है। तो ये क्या करता है कि जितने भी फ्रंट एंड्स हैं ये जितने भी फ्रंट एंड अभी तक बिल्ड हमने किए थे बिफोर एआई वो सारे रिक्वेस्ट और रिस्पांस मॉडल पे चलते हैं। तो ये रिक्वेस्ट रिस्पांस मॉडल तो हमने देख लिया है। ठीक है जी। क्या होता है? एक सर्वर क्लाइंट रिक्वेस्ट भेजता है सर्वर को। को एक रिस्पांस आ जाता है और जो भी रिस्पांस आया उसके बिहाफ पे हम या तो कार्ड डिस्प्ले करा देते हैं या टेबल्स डिस्प्ले करा देते हैं। यही सब कुछ स्टैंडर्ड चलता है। बट एआई एजेंट्स ऐसे काम नहीं करते हैं। वो रिक्वेस्ट रिस्पांस मॉडल नहीं है। अगर आपको अभी भी लगता है कि यह सिर्फ एक ओपन एआई को रिक्वेस्ट भेजने जैसा है। यू आर अब्सोलुटली रॉन्ग। आप एआई की दुनिया से बहुत दूर हो अभी। बट बाकी जितने लोग जानते हैं कि एक्चुअली में एआई से बात करना इतना आसान नहीं है। यह सिर्फ रिक्वेस्ट रिस्पांस मॉडल नहीं है। तो वो जानते हैं कि क्या प्रॉब्लम्स आती है। उन प्रॉब्लम्स को भी मैं डिस्कस करूंगा। बट दिस इज़ ऑल अबाउट द एजीयूआई। तो ये आपकी वो सारी प्रॉब्लम सॉल्व करेगा। अब सबसे इंपॉर्टेंट बात प्रॉब्लम है क्या? तो चलिए जी पहले प्रॉब्लम ही जानते हैं कि व्हाई वी नीड एजीयूआई? जब प्रॉब्लम पता लगेगी तो एजीयूआई की नीड भी अपने आप पता लग जाएगी। तो पहली क्या है कि आपकी जो नॉर्मल ऐप होती है आपने एक बटन को क्लिक करा। उसने एक रिक्वेस्ट भेजी और सिंपली उसका रिस्पांस आ गया और आपने रिस्पांस रेंडर कर दिया। अब आई एग्री कि जो रिस्पांस आता है वो jसन फॉर्मेट में होपफुली ज्यादातर आता है और रिस्पांस में आप हो सकता है इमेज रेंडर करा दो, कार्ड्स रेंडर करा दो या टेबल्स रेंडर करा दो। बट एक चीज आप नोटिस करोगे कि यहां पे रिस्पांस का जो यूआई के अंदर फ्रंट एंड पे जो रेंडरिंग होती है वो तब होती है जब पूरा यूआई का रिस्पांस आपके पास आ चुका होता है। बीच में नहीं होता है कभी भी ऐसा। तो यूआई फिनिशेस इट्स वर्क्स बिफोर द यूआई सीज़ एनी द बैक एंड फिनिशेस द वर्क बिफोर द यूआई सीज़ एनीथिंग। तब तक आप लोडर स्पिनर यही देते हो। बट एI के केस में ऐसा नहीं है। पहली बात तो एआई कोई मिली सेकंड तक रन नहीं करता है। कई बार मिनट्स तक रन करते हैं। दूसरी बात यह टोकंस स्ट्रीम करते हैं। उस टोकन का इमीडिएट रिस्पांस बनाना पॉसिबल नहीं होता है। कई बार एजेंट्स आपका टूल कॉल करने निकल जाता है। जैसे कि कोई सर्च टूल हो गया, कोई डेटाबेस टूल हो गया, कोई एपीआई हो गए। उसको करने निकल जाते हैं। उसके बाद अपडेट की भी शेयरर्ड स्टेट होती है। थोड़ा यूआई से भी पूछना पड़ेगा। मतलब फ्रंट एंड से भी और थोड़ा बैक एंड के पास भी रहेगा। और कई बार मैन इन द यूजर इन द लूप भी हो जाता है हमारे पास में। कई बार इसको मैन इन द लूप भी बोलते हैं। यूजर इन द लूप जो भी आप इसको बोलना चाहे। तो कई बार यूजर से रिस्पांस लेना पड़ता है कि किस डायरेक्शन में जाऊं? बुक करूं फ्लाइट नहीं बुक करूं या जो भी आप डेमो यहां पे देना चाहते हो। अब ये सारी अगर प्रॉब्लम्स हैं तो एजीयूआई करता क्या है? तो एजीयूआई क्या है? एक ओपन और लाइट वेट इवेंट बेस्ड प्रोटोकॉल है जो कि आपको स्टैंडर्डाइजली बताता है कि एजेंट्स क्या-क्या कर सकता है और आपकी एप्लीकेशन को कौन-कौन से रिस्पांस में क्या-क्या स्ट्रीम करना चाहिए यहां पे। तो बड़ा ही सिंपल सा काम है आपके इसके अंदर। अच्छा एक इंटरेस्टिंग बात है कि आपकी जो फ्रंट एंड एप्लीकेशन है वह भी कंप्लीटली अवेयर रहती है और बैक एंड भी उस स्टेट से कंप्लीटली अवेयर रहता है। तो पूरा रिस्पांस ना दिखा के हम उस स्टेट को दिखाते हैं। तो बैक एंड एजेंट इमिट्स द स्ट्रीम ऑफ टाइप्ड इवेंट्स। टाइप्ड इवेंट्स मतलब आपको इवेंट्स के पहले से पता है कि कौन-कौन से इवेंट्स आ सकते हैं। उनको ही स्टैंडराइज करने का काम है। क्योंकि एक बार स्टैंडराइज अगर यह नहीं होंगे तो आपको पता ही नहीं कि अभी आपका जो एआई है या जो रिस्पांस आप कॉल आपने भेज रखा है रिक्वेस्ट वो किस फॉर्मेट में है। क्या अभी टूल कॉल चल रहा है या फिर टूल कॉल का रिस्पांस आ चुका है। उसको और सैनिटाइज मतलब क्या चल रहा है वहां पे? क्योंकि बहुत सारे इवेंट्स स्टेट्स हो सकते हैं। तो उनको स्टैंडराइज करने का ही यह काम करता है। दूसरा क्या है? एनी एजेंट दैट स्पीक्स एजीयूआई कैन प्लग इन इंटू एनी फ्रंट एंड दैट स्पीक्स एजी एजीयूआई। तो जो भी एजेंट्स आपके एजीयूआई से कंपैटिबल हैं वो आपको सीधा ही फ्रंट एंड को भी अवेयर करवा देते हैं एजीयूआई से। तो मोर डिपेंडेंसी इन्होंने फ्रंट एंड वालों पे नहीं डाली है। इन्होंने मोर डिपेंडेंसी डाली है कि आपका जो भी फ्रेमवर्क है वो इस पूरे प्रोटोकॉल को एक्चुअली में फॉलो करें। तो इसका मतलब यह है कि आपको कोई नई यूआई लाइब्रेरी नहीं चाहिए। आपकी लाइब्रेरी में कुछ कॉम्पोनेंट्स नए होंगे। ऑब्वियस सी बात है वो मैं बताऊंगा अभी कौन-कौन से बट पूरी लाइब्रेरी को ही पूरा रिफ्रेश करने की जरूरत नहीं है। ऐसा नहीं है कि अब रिएक्ट गायब हो गई है या Python गायब हो गई है या और भी आप जो भी यूज़ कर रहे थे व्यूज वेल्ट वो सब गायब नहीं हुआ है। यह सिंपली फ्रेमवर्क का अपडेट है जिसके अंदर UI के कुछ दो या तीन नए कॉमोनेंट्स आते हैं। जैसे पहले अपने लोडिंग स्टेट होती थी वैसे ही अब कुछ और स्टेट्स आ गई है और वो स्टेट अपना काम करती है। और सबसे इंपॉर्टेंट बात यह लंग चेन इकोसिस्टम में सबसे पहले बना था। को पायलट वर्क नाम से अभी भी कोपायलट का लाइसेंस और लाइसेंस भी एक्सपेंसिव है इसका। बट इसके ओपन सोर्स फ्रेम फ्री वर्जनंस वगैरह भी आ रहे हैं। और दिस इज़ वन ऑफ दी स्टेट जहां पे आई थिंक फ्रंट एंड डिजाइनर्स, डेवलपर्स, फ्रंट एंड इंजीनियर्स यहां पे बहुत ज्यादा काम हो रहा है। अभी तक जो कह रहे थे कि फ्रंट एंड वालों की तो जॉब ही चली गई है। अब वो तो वो उनकी गई है जो सिर्फ बटंस बनाना जानते हैं। अब फ्रंट एंड वालों के ऊपर भी आ गया है कि नए एरा में एi के हिसाब से कैसे हम यूआई को डिस्प्ले करवाएं। तो इंपॉर्टेंट बात कि ऐसे ही हवा में उठ के नहीं आया है। दिस इज बैक्ड बाय लंग चेन एंड क्रू एआई वि इज द पाइनियर वन ऑफ द पाइनियर इन द फ्रेमवर्क इकोसिस्टम ऑफ द एआई। अब दूसरी चीज व्हाट इट स्टैंडराइज़ करता क्या है? यह तो समझ में आ गया क्यों नेसेसरी था। बट ये स्टैंडराइज़ करता किसको है? यह भी तो पता लगे। सबसे पहली चीज़ स्ट्रीमिंग को स्टैंडराइज़ करता है कि आपके टेक्स्ट, रीजनिंग और टूल्स का प्रोग्रेस क्या है? और लाइव क्या है? इन सारी एक्टिविटीज़ को स्टैंडराइज़ करता है। दूसरी चीज़ स्टेट को भी स्टैंडर्डाइज़ करता है। टाइप्ड स्टेट होनी चाहिए हमेशा। टाइप्ड होगी तभी टाइप्ड होगी ना जब आपको पहले सारी स्टेट पता होगी। तो किन-किन स्टेट्स पे हम एग्री करते हैं? सारे फ्रेमवर्क्स ने मिलके सब ने मीटिंग करके बता दिया कि ये ये स्टेट हो सकती है। एजेंट कैन बी इन थिंकिंग मोड जैसे हम बोलते हैं और टूल कॉलिंग मोड और टूल का रिस्पांस आ गया है और स्ट्रीमिंग मोड जितने भी मोड्स होते हैं वो आपको एजीयूआई प्रोटोकॉल में मिल जाते हैं यहां पे। तीसरी चीज है आपकी टूल्स। [गला साफ़ करने की आवाज़] एजेंट्स एक्शंस ले सकते हैं। बट फ्रंट एंड को भी पता होना चाहिए कि आपने कौन सा एक्शंस लिया है। तो एजेंट कैन कॉल एक्शन दैट रन इन द फ्रंट एंड। अ मतलब फ्रंट आपका कोड तो बैक एंड पे ही रन होगा। बट एक्चुअली में फ्रंट एंड को पता होगा कि आपका टूल अभी कोई एजेंट को टूल कॉल कर रहा है। दूसरी चीज़ ह्यूमन इन द लूप। तो जो आपके पॉज, अप्रूव, एडिट, रीिट्राई, मिड रन यह सारी भी स्टेट होती है। हमें लगता है कि ह्यूमन से पूछना बस एक अप्रूव है। बट यूजर कैंसिल भी तो कर सकता है। अभी आपका एजेंट हो सकता है मिड रन के अंदर हो कि हां भाई जब यूजर आंसर देगा उसके बाद मैं रन करूंगा। मे बी एक और बार रीिटाई का ऑप्शन उसको देना है। कितनी बार देना है, दो बार, तीन बार। ये सारी चीजें स्टैंडराइज़ होती है। उसके बाद आता है आपका जनरेटिव यूआई। देखो जनरेटिव यूआई ना दिस इज़ अ न्यू एज थिंग। तो आपका जो एजेंट है वह हर बार डिफरेंट रिस्पांस दे सकता है। अगर आपने ओपन एआई का रीसेंट इवेंट देखा होगा तो वहां पर भी आपने देखा होगा कि अगर आप कुछ सर्च कर रहे हो तो वो आपको Google मैप जैसा भी एक छोटा स्क्रीन दिखा देता है। कई बार आपको मल्टीपल कार्ड्स भी दिखाता है कि आपको क्या शॉपिंग करना है। तो रिस्पांस हर बार एक अलग यूआई जनरेट कर सकता है। वो हर बार यूआई जनरेट नहीं कर रहा है। यूआई फिक्स्ड है। बट कौन सा यूआई पिक करना है? कार्ड या फिर मैप्स और उसके अंदर डेटा कैसा भेजना है। दिस इज़ व्हाट द जनरेटिव यूआई इज़। तो एजेंट कैन ड्राइव व्हाट द कॉमोनेंट अपीयर। तो एजेंट डिसाइड करता है कि कौन सा कॉमोनेंट होगा। कॉमोनेंट हम पहले से देंगे बट एजेंट डिसाइड करता है। और अब थ्री प्रोटोकॉल्स थ्री जॉब। आई थिंक ये सबसे इंपॉर्टेंट है ताकि आपको पता लगे कि ये जो एजीयूआई है ये फिट कहां पे होता है। पहला हमने एमसीपी देखा था। दिस वाज़ द फर्स्ट प्रोटोकॉल जहां पे एजेंट और टूल्स और डेटा के साथ में हमने कनेक्शन होता हुआ देखा था कि एजेंट्स अब टूल्स को कॉल कर सकते हैं डेटा के साथ और डेटा के बिना भी और ये जो टूल कॉलिंग है एक्चुअली में है तो फंक्शनंस ही और वो फंक्शनंस ही कॉल हो रहे हैं। बट किस स्टैंडराइज प्रोटोकॉल से क्या डिस्क्रिप्शन देना है, कैसे देना है, उसका फॉर्मेट क्या होगा? यह सब कुछ स्टैंडराइज्ड हुआ हमारे फर्स्ट एमसीपी प्रोटोकॉल में। अभी वर्जन टू आया जिसमें ओथ और ऑथेंटिकेशन और स्केलिंग भी स्टैंडर्डाइज्ड हुआ। वेरी फास्ट हुआ। यूजुअली प्रोटोकॉल्स इतने जल्दी अपडेट नहीं होते हैं। बट थैंक गुडनेस एमसीपी हुआ। उसके बाद एजेंट टू एजेंट प्रोटोकॉल कि एजेंट एक दूसरे एजेंट को भी कॉल कर सकता है और उसमें भी बात कर सकता है। काफी अपडेट हुआ इसके बारे में भी। कई एप्स में आप देखते हो ना जैसे हरमीज़ वगैरह के अंदर कि एजेंट आपस में ग्रुप चैट में बात कर लेते हैं। दिस इज़ व्हाट मेक्स इट पॉसिबल ए टू ए एजेंट। उसके अलावा हमारा है एजीयूआई। यह थर्ड स्टेप है हमारा कि अब एजेंट यूजर से जब बात करेगा तो क्या हम उसको भी स्टैंडराइज कर सकते हैं ऐप के अंदर? अच्छा कुछ लोग तो अभी तक भी ऐप को यह सोचते हैं कि ऐप मतलब एप्लीकेशन या मोबाइल एप्लीकेशन। ऐसा नहीं है। ऐप कैन बी एनीथिंग। इट कैन बी योर वेबसाइट, डेस्कटॉप ऐप, व्हाटएवर द ऐप यू आर रनिंग। एनीवेज तो अब आपको यह पता लग गया। तो अब हम चलते हैं एमसीपी। तो अगर आप इसको पूरा समराइज करना चाहते हैं तो एमसीपी गिव्स एजेंट्स हैंड एंड रिलायबल हैंड्स। आई वुड से ए टू ए गिव्स देम कोलीग्स एंड एजीयूआई गिव्स देम अ फेस जो कि यूजर देख सकता है। तो आई होप दिस इज़ एब्सोलुटली क्लियर फॉर एवरीवन। तो अब चलते हैं हम थोड़ा सा आगे और एक और चीज देखते हैं। तो आपको यह पता होना चाहिए कि टिपिकल रन ऑर्डर होता क्या है? देखो होता क्या है? सबसे पहले एक रन स्टार्ट होता है। मतलब एजेंट को कॉल करते हो तो रन स्टार्ट होता है। अब उसके अंदर आपका टेक्स्ट मैसेज स्टार्ट होता है कि आपने कुछ कंटेंट भेजा और दैट्स इट। यह आपका फ्रंट एंड का मोस्टली काम होता है कि आपने कुछ प्र्प दिया, कॉन्टेक्स्ट दिया और वह रन आपका स्टार्ट हो गया। उसके बाद वो है ऑप्शनली एक टूल कॉल भी कर सकता है। टूल कॉल विद आर्गुमेंट भी कर सकता है और टूल कॉल या बिना टूल कॉल आपको एक रिजल्ट ला के देता है और वो रिजल्ट में आपका एक डेल्टा चेंज होता है। अगर आपने कभी भी ओपन एआई को कॉल किया है रनेस के अंदर बिना किसी फ्रेमवर्क के अंदर तो आपको पता है वहां पे एक डेल्टा चेंज आता है और उस डेल डेल्टा चेंज से ही हम पूरा का पूरा जो रिस्पांस आता है उसको स्ट्रीम करते हैं और फिर आपका एक रन फिनिश होता है। तो ये टिपिकल एक ऑर्डर होता है कि जिससे आपका एजेंट कंप्लीटली काम कैसे करता है। अब यह दिखने में बड़ा इजी सा लगता है। यह डेल्टा चेंज मे बी टूल कॉल मे बी नॉट कॉल बट इस टूल कॉल के अंदर ही एक और टूल आता है जो कि ह्यूमन इन्वॉल्वमेंट का भी आता है कि यूजर से भी फीडबैक लेना है। तो यहां पे थोड़ा सा काम होता है। अब हमारी जो शेयर्ड स्टेट होती है, टूल्स हैं और ये ह्यूमन इन द लूप ये कौन-कौन सी होती है? देखो शेयर्ड स्टेट है आपके पास कि एजेंट्स और फ्रंट एंड ये दोनों एक ही स्टेट को शेयर करते हैं ताकि जब भी डेल्टा चेंज हो। डेल्टा चेंज यहां पे एक छोटा सा नाम है। स्टेट का डेल्टा है। तो सिर्फ एक JSON का छोटा सा हम पैच भेज सकें और फ्रंट एंड पे भी यूजर उसको चेंज कर सके कि अभी जो टूल है वो सर्च कर रहा है। सर्च गॉट द सर्च रिस्पांस नाउ फिल्टरिंग द सर्च रिस्पांस। क्योंकि यूजर को ना आप 10 मिनट तक वेट नहीं करा सकते हो। अगर उसको अपडेट नहीं दोगे कि क्या हो रहा है तो वो सिर्फ एक लोडर के भरोसे नहीं बैठ सकता है यूजर। दिस इज़ हाउ इट शुड बी। और जो फ्रंट एंड के टूल्स हैं, द ऐप डिफाइन द टूल्स एजेंट मे कॉल। द फ्रंट एंड रंस द टूल एंड रिटर्न्स द मैसेज रोल एज टूल। सिंपली वही सेम बात है। ह्यूमन इन द लूप भी आ जाता है इसके अंदर कभी कबभार। तो आई थिंक आप समझ ही गए हो। अब आपका एक क्लासिक और एजेंटिक फ्रंट एंड। आई थिंक यहां पे फ्रंट एंड वालों का पूरा डेफिनेशन अब चेंज होने वाला है। क्योंकि अभी तक आप थे क्लासिक फ्रंट एंड इंजीनियर। अब आप हो जाओगे एजेंटिक फ्रंट एंड इंजीनियर। यस। तो जॉब्स जा नहीं रही है। इट्स जस्ट गेटिंग रीडेफिनेशन। क्लासिक फ्रंट एंड में क्या होता था? हम फेच करते थे। फेच मतलब फेच कॉल करते थे। मूविंग फ्रॉम द जावास्क्रिप्ट इकोसिस्टम अगर आप जावा से या कहीं और से तो बेसिकली एक रिक्वेस्ट भेजते थे, वेट करते थे और रेंडर करते थे। अब ऐसा नहीं होता है। नाउ फ्रॉम द वेरी फर्स्ट गेट गो यू सब्सक्राइब टू अ स्ट्रीम और वो स्ट्रीम से आप कनेक्शन बंद नहीं करते हो। द कनेक्शन रिमेंस ओपन और वो हर एक जो भी चीज इवेंट आपके सामने हो रहा है या डेल्टा जो भी आपको भेजा जा रहा है उसको आप स्ट्रीम करते रहते हो। स्टेट चेंज फ्रॉम द यूजर एक्शन एंड एपीआई कॉल। अभी तक जो स्टेट हम चेंज करते थे रीडक्स में या जहां पे भी वहां पे यूजर के एकशंस पे ही करते थे या फिर एपीआई कॉल्स के रिस्पांस में अभी ऐसा नहीं है। स्टेट कैन आल्सो चेंज वाया द एजेंट्स वाया द Snapshot jसन पेंजेस कई तरह से आपकी जो यूआई है वो चेंज हो सकती है व्हिच इज़ वेरी डिफिकल्ट टू मैनेज। अभी तक सिर्फ इन्हीं से ही मैनेज नहीं हो रही थी। तो हमने इतने फ्रेमवर्क्स बना दिए जैसे रीडक्स हो गया। बहुत सारे और रीडक्स के भाई बंधु आए Zand आया। अब सोचो क्या होगा? अभी तक हम फिक्स्ड स्क्रीन डिजाइन करते थे और हमें पता होता था कि हमेशा आउटपुट एक कार्ड ही आएगा। नाउ वी आर गिविंग दिस अथॉरिटी टू द एजेंट। तो उसी सेम यूआई के अंदर एजेंट कार्ड भी डिस्प्ले कर सकता है, टेबल्स भी डिस्प्ले कर सकता है, कुछ और भी डिस्प्ले कर सकता है। बिकॉज़ इन द जनरेटिव एआई एजेंट डिसाइड्स दिस अ रादर जनरेटिव यूआई। दूसरा है पहले एक लोडिंग स्पिनर से काम हो जाता था। इनफैक्ट ज्यादा से ज्यादा शिमर हम लगा देते थे कि कार्ड का एक लेआउट है कि आ रहा है कार्ड। बट दैट वाज़ आल्सो अ वेरी स्टैटिक कॉम्पोनेंट। अभी आपको बहुत ज्यादा काम करना है बिकॉज़ विज़िबल स्टेप्स हैं, टूल्स प्रोग्रेस है, रीजनिंग है। दिस इज़ ऑल एंटायरली न्यू। और उसके अलावा हम पहले करते थे फॉर्म सबमिट होता था। बैक एंड्स का एक्ट हो जाता था। बट अभी एजेंट तक फ्रंट एंड पे आना शुरू हो गए हैं। वह भी आपके बिहाफ पे फॉर्म्स को फिल करने लग गए हैं। एंड यह बॉट्स नहीं है। यह एजेंट्स हैं। तो इनको रोक देना वो सब फॉर्म फिल करवा के वगैरह। ये एजेंट्स अब आपके कैप्चास भी ईजीली फिल कर देते हैं। बिकॉज़ दे कैन सी द स्क्रीन, एनालाइज़ द स्क्रीन। तो उसके हिसाब से फ्रेमवर्क्स को पूरे डिज़ करना, एजेंट प्रपोज, यूजर अप्रूव्स, देन एक्ट। नॉट इजी टास्क बट इट इज़ देयर। और फ्रंट एंड पहले सिर्फ एक बैक एंड की एपीआई से टाई अप होता था। नाउ इट इज टाइड अप टू एजेंट एंड एजेंट कैन डू अ लॉट ऑफ थिंग्स। ओके? तो अभी हमारा इकोसिस्टम क्या है एजीयूआई का? एजीयूआई ओरिजिनली स्टार्ट हुआ था लैंगचेन लैंग्राफ इकोसिस्टम से और क्रू एआई से। बट अभी इसके फर्स्ट पार्टी इंटीग्रेशन है जो कि आपको Microsoft एजेंट फ्रेमवर्क के भी मिल जाते हैं। Google एडी के थोड़ा सा डिफिकल्ट है Google एडी के हैंडल करना। बट उसमें भी मिलते हैं। AWS ट्रैंड्स एजेंट्स मास्टर आइडेंटिक AI Agno LMA इंडेक्स AG2 इसमें भी है और अगर आप अपने दो फेमस फ्रेमवर्क ढूंढना चाह रहे हैं फेवरेट तो वहां पे भी जल्दी आने वाले हैं बट उनके कम्युनिटी एडिशन मिलते हैं जैसे कि क्लाउड एजेंट एसडीके और में भी आ रहे हैं। ओपन एआई का आई थिंक आ गया है बट आई एम नॉट श्योर देखना पड़ेगा एक बार बट दिस इज़ ऑल हां यस प्रोग्रेस में है ओपन एआई एजेंट एसडीके क्लाउड फेयर एजेंट्स एडब्ल्यूएस बेडरॉक आ चुका है ऑलरेडी वो उन्होंने वेबसाइट पे ही मेंशन कर रखा है बट हां धीरे-धीरे सभी आएंगे बिकॉज़ दिस इज़ हाउ इट इट इज़ गोइंग टू बी इन द फ्यूचर तो अगर आप सोच रहे हैं अभी भी आपका फ्रंट एंड कुछ इसी तरह से है नहीं आपका फ्रंट एंड अब कंप्लीटली चेंज हो गया है इसका मतलब यह नहीं है कि आपको रिएक्ट नहीं पढ़ना है रिएक्ट के ऊपर यह सब आ गया है। देखो चीज़ें कहीं से भी ऐसा नहीं है कि कम हो गई है। नाउ द लर्निंग अह लर्निंग मटेरियल हैज़ इंक्रीज़्ड। पहले होता था सिर्फ डीएसए पढ़ना है। अब डीएसए भी पढ़ना है। एआई भी पढ़ना है। तो ऐसा नहीं कि कुछ कम हुआ है। ज्यादा ही हुआ है। दूसरी चीज और फाइनल चीज ऐसा नहीं है कि यह प्रोटोकॉल एकदम रेडी टू गो है। एआई के अंदर कुछ भी रेडी टू गो नहीं है। चीजें धीरे-धीरे बढ़ रही है और चेंजेस हो रही है। तो आई विल टेल यू द ऑनेस्ट केवियट्स ऑफ दिस वन कि हां, ऐसा नहीं है कि पूरा चल रहा है। अभी भी बहुत यंग है और स्पेक बहुत हीली फास्ट मूव कर रहे हैं और चेंज भी हो रहे हैं। जैसे कि जस्ट अभी इन्होंने थिंकिंग की जगह रीजनिंग कर दिया है। बिकॉज़ नाउ द मॉडल्स आर रीजनिंग मॉडल। वह ज़्यादा टाइम लगाते हैं। तो, पहले सब जगह थिंकिंग होता था। अभी आपको सब जगह रीजनिंग दिखाई देगा। और ये स्टेट चेंज है। मतलब इमेजिन कि फ्रेमवर्क ने ही पूरे स्टेट को ही चेंज कर दिया। तो, आपने जहां-जहां इसको होपफुली हार्ड कोड तो नहीं करा होगा। बट जहां-जहां भी आपने कांस्टेंट डिक्लेअर कर रखे थे, वहां-वहां थिंकिंग की जगह रीज़निंग आएगा। एंड यह सिर्फ इतना नहीं है कि एक वेरिएबल का नाम चेंज हुआ है। दिस मींस कि अगर एआई हमारे चेंज होते हैं या जनरेटिव एआई जितने एलएलएम चेंज होते हैं उसके हिसाब से मोर स्टेट कैन आल्सो कम और लेस स्टेट कैन आल्सो कम। आल्सो इट एड्स अ लेयर फॉर अ सिंपल चैटबॉट प्लेन स्ट्रीमिंग मे बी इनफ। लेकिन कई जगह एक एक्स्ट्रा लेयर हो जाती है। ऐसा नहीं है कि ये एजीयूआई आपको सभी जगह लगाना है। मोस्टली सैस बेस एप्लीकेशन में तो देखो लगाना ही पड़ता है। इंपॉर्टेंट चीज है सिक्योरिटी। सिक्योरिटी स्टिल मैटर्स। ऐसा नहीं है कि अब एआई एजेंट सब कुछ कर रहा है तो सब कुछ ही उसको करने दो। कौन सी स्टेट वहां मैटर करती है? कौन सा यूआई वैलिडेशन वैलिडेटेड है, कौन सा नहीं है, कौन सा अप्रूवन है? यह आपको बैक एंड में या फ्रंट एंड में भी खुद को भी सोचना है। यूजर से भी कई बार इंटरेक्शन लेना है। यूजर क्या इनपुट दे रहा है, वह अभी भी सैनिटाइजेशन है। बट इट इज़ वेरी इंटरेस्टिंग टाइम ऑल टुगेदर। तो कुल मिला के समरी है कि अगर आप समझते हो इवेंट्स इन एन यूआई आउट दैट मींस यू अंडरस्टैंड द एजीयूआई कि अब इवेंट्स जाते हैं और उसके बाद जरूरी नहीं है कि एक रिलायबल आपके पास रिस्पांस आता है और आप ही पूरा का पूरा यूआई ड्रिवन करोगे। इट इज़ नॉट इट इज़ एजीयूआई। इट इज़ एजेंट ड्रिवन यूआई। तो, यह पूरा का पूरा एक वीडियो था आपको यह समझाने के लिए कि यह जो नया फ्रेमवर्क आ रहे हैं, सब चीज़ ऐसा नहीं है कि बैक एंड पे ही आ रहे हैं। फ्रंट एंड इज़ आल्सो गेटिंग चेंज्ड। बट इसका मतलब यह नहीं है कि रिएक्ट रिप्लेस हो रहा है। एजीयूआई आ गया। अगर कोई ऐसा वीडियो बनाएं प्लीज स्टे अवे फ्रॉम इट। इट्स नॉट अ रिप्लेसमेंट ऑफ़ रिएक्ट। इट्स नॉट अ रिप्लेसमेंट ऑफ व्यू। इट इज़ अ न्यू प्रोटोकॉल जिसके अंदर रह के आप अपना रिएक्ट लिखोगे या जावास्क्रिप्ट लिखोगे बाय कीपिंग ऑल ऑफ़ द स्टेट्स इन माइंड। दैट इज़ ऑल। यह पूरा का पूरा वीडियो इसी बारे में था ताकि आप पैनिकिक ना करें और आप समझे कि हां हाउ द फ्रंट एंड जॉब इज़ गेटिंग चेंज्ड। इट्स नॉट गेटिंग ईज़ियर, इट्स गेटिंग लिटिल बिट मोर एडवांस, लिटिल बिट मोर टफ एंड मोर वर्क फॉर यू। दैट इज इट। चाय पीते रहिए। हम भी हमारी चाय तो नहीं आज नींबू पानी लेके आए थे। अब इस वीडियो के बाद में आराम से बैठ के नींबू पानी पिएंगे। वीडियो आपके लिए फटाफट से अपलोड कर देंगे अभी के अभी ही। और कमेंट सेक्शन में यह बताते जाइएगा कहां से बैठ के देख रहे हैं ताकि हमें भी तो पता लगे। दैट इज इट। मिलते हैं आपसे नेक्स्ट वीडियो के अंदर।
Assuntos: Agentes de IA. Publicado no YouTube em 2026-10-14.
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AG-UI के बारे में
AG-UI (Agent–User Interaction Protocol) एक ओपन, हल्का और इवेंट-आधारित प्रोटोकॉल है, जो तय करता है कि AI एजेंट यूज़र के सामने चलने वाले ऐप्स, यानी फ़्रंटएंड, से कैसे जुड़ें। इसके आधिकारिक दस्तावेज़ों के अनुसार यह यूज़र-फ़ेसिंग ऐप और किसी भी एजेंटिक बैकएंड के बीच दो-तरफ़ा कनेक्शन के रूप में बनाया गया है।
AG-UI के लिए TypeScript, Python और .NET SDK उपलब्ध हैं। आधिकारिक दस्तावेज़ इसे MCP और A2A जैसे दूसरे एजेंट प्रोटोकॉल के साथ भी समझाते हैं। इसका कोड GitHub पर MIT लाइसेंस के तहत खुला है।
तकनीकी जानकारी
नाम: AG-UI (Agent–User Interaction Protocol)
प्रकार: AI एजेंट और फ़्रंटएंड ऐप्स को जोड़ने वाला ओपन प्रोटोकॉल
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