Meta Muse AI Agent ने मचाया तहलका! ChatGPT और Google से निकला आगे? | tecnology
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Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Amar Ujala.
इस सामग्री के बारे में: नीचे दिया गया सारांश, मुख्य बिंदु और विषय वीडियो की ट्रांसक्रिप्ट से स्वचालित रूप से तैयार किए गए हैं। वे वीडियो में प्रस्तुत सामग्री, राय, दावों और भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं और IA Dots की ओर से किसी समर्थन, सत्यापन या तथ्य-जांच का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
वीडियो सारांश
मेटा ने 'म्यूज' नामक एक नया पर्सनल एआई सुपर स्मार्ट एजेंट लॉन्च किया है, जो सामान्य चैटबॉट से आगे बढ़कर यूजर की ओर से ब्राउज़र खोलने, फॉर्म भरने, नेगोशिएट करने और पेमेंट करने जैसे काम खुद कर सकता है।
मुख्य बिंदु
- म्यूज एजेंट यूजर के कहने पर वेब ब्राउज़र खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और जरूरत पड़ने पर पेमेंट भी कर सकता है।
- यह एजेंट ऐप बंद होने के बाद भी काम जारी रख सकता है और लंबे समय तक चलने वाले टारगेट्स को पूरा करने में मदद करता है।
- म्यूज को अमेरिका में iOS, Android और वेब पर रोल आउट किया गया है, जिसके लिए फ्री और पेड सब्सक्रिप्शन प्लान उपलब्ध हैं।
- सुरक्षा के लिहाज से हर यूजर के लिए एक आइसोलेटेड एनवायरमेंट और वर्चुअल मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसमें असली पासवर्ड या पेमेंट डिटेल्स सीधे शेयर नहीं होते हैं।
- चेकआउट के समय वन-टाइम कार्ड नंबर का उपयोग किया जाता है ताकि यूजर का वास्तविक कार्ड नंबर मर्चेंट और एआई एजेंट दोनों से सुरक्षित रहे।
विषय
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वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट
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क्या आप भी घर के सामान की लिस्ट बनाने, बिल कम करवाने या होटल और फ्लाइट बुक करने जैसे ऑनलाइन काम निपटाने में कतराते हैं या आपको परेशानी होती है? तो तैयार हो जाइए। मेटा एक ऐसा पर्सनल एi सुपर स्मार्ट एजेंट लेकर आ रहा है जो यह सारे काम आपके लिए खुद कर सकता है। मेटा MS नाम का यह एi एजेंट केवल सलाह या फिर जानकारी देने वाला चैटबॉट नहीं है बल्कि आपके कहने पर खुद यह ऐप और वेब ब्राउज़र खोलकर पेमेंट्स तक कर सकता है। आपके काम को आसान कर सकता है। मेटा ने दरअसल हाल ही में म्यूज नाम का एक नया पर्सनल एi एजेंट ल्च किया है। यह सिर्फ सवालों के जवाब नहीं देने वाला चैटबॉट नहीं है बल्कि यूजर की ओर से अलग-अलग स्टेप्स वाले यह काम पूरे कर सकता [संगीत] है। इसे अगर आप कोई टारगेट देते हैं, काम बताते हैं तो यह वेब ब्राउज़र खोलेगा, फॉर्म भरेगा। आपकी और आपसे बातचीत जो इसने की होगी यानी जो भी नेगोशिएशन यह कर सकता है, वह करेगा और जरूरत पड़ने पर आपके कार्ड से पेमेंट भी कर देगा। हालांकि जाहिर है बहुत सेंसिटिव मामला है। सेंसिटिव कामों के मामले में यह आगे बढ़ने से पहले [संगीत] यूजर की जो मंजूरी है यह वो भी लेगा। ऐसा नहीं है कि अपनी मर्जी से ही यह सारे काम कर देगा। दरअसल मेटा ने म्यूस को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के [संगीत] लिए बनाया है। इसका मकसद शेड्यूलिंग, शॉपिंग और रोजमर्रा के ऐसे कामों में मदद करना है जिनमें यूजर का काफी समय और ज्यादा ध्यान लगता है। खास बात यह है कि अगर एक बार यूजर अपना टारगेट इसको बता दे तो म्यूज उसके लिए प्लान बनाने, समय पर संसाधनों को व्यवस्थित तरीके से उस काम को एग्जीक्यूट करने, उसे आगे बढ़ाने में भी मदद करता है। यानी यह सिर्फ एक प्र्प्ट का जवाब देकर रुकने के बजाय लंबे समय तक चलने वाले आपके जो टारगेट्स हैं, आपके जो काम हैं, उन्हें यह पूरा कर सकता है। और बड़ी बात यह है कि ऐप बंद करने के बाद भी यह काम करता रहेगा। दरअसल मेटा का कहना है कि यह म्यूज़ कोई सामान्य चैटबॉट वाला एआई नहीं है। यह उससे बहुत अलग है। कंपनी के मुताबिक यह ऐप बंद होने के बाद भी काम जारी रख सकता है और बिना मांगे यह आपको सुझाव भी देगा। आप कहीं फंस गए तो जवाब आपका सॉल्यूशन आपकी मदद करने के लिए भी तैयार रहेगा। यह अलग-अलग सेशंस के बीच में यूजर की जो प्राथमिकताएं हैं उसे भी याद रखता है। जैसे मान लीजिए कि अगर आपने कोई रेसिपी रील सेव की है तो यह एi एजेंट उसे देख लेगा और आपके लिए शॉपिंग लिस्ट तैयार कर देगा कि कौन-कौन सामान इस नई रेसिपी के लिए आपको चाहिए। व मेटा के म्यूज को अमेरिका में iOS, Android और वेब पर रोल आउट कर दिया गया है। वहीं मेटा Mus आखिर क्या-क्या कर सकता है? इसकी टू लिस्ट आखिर कौन-कौन सी है? शॉपिंग कर सकता है, डील कर सकता है। यानी MS सेव की गई रेसिपी रील को किराने के स्टोर की लिस्ट में बदल देगा। इसके अलावा यह फर्नीचर जैसी चीजों के [संगीत] लिए बेहतर कीमत या आपके लिए बेस्ट डील ढूंढ देगा। बिल और पैसे की बात कर लें तो यह बिल कम करवाने के लिए बातचीत कर सकता है। नेगोशिएट कर सकता है। बार-बार होने वाले खर्चों को मैनेज करने में मदद कर सकता है। आपको कहीं ट्रैवल करना है तो उसके लिए म्यूज ट्रिप बुक करने की लिए जो जरूरी आपके फॉर्म है वो भर देगा। उसकी कोई भी कागजी कारवाई है उसे यह संभाल कर रख सकता है। उसे पूरा कर सकता है। आपकी हेल्थ के लिए भी यह बहुत इंपॉर्टेंट है। दरअसल अगर आपको हेल्थ को लेकर कोई टारगेट आपने सेट किया है और अपने करियर से जुड़े हुए जो आपके काम हैं उन्हें वक्त वक्त पर आपको दोबारा करना पड़ता है तो उन्हें भी म्यूज लंबे वक्त तक ट्रैक कर सकता है। आपको बार-बार उन्हें याद दिला सकता है और साथ ही साथ आप उसे किस तरीके से एग्जीक्यूट करें उसमें भी आपकी मदद कर सकता है। अब बात आ जाती है कीमत की तो म्यूज के लिए एक फ्री टियर के साथ दो पेड सब्सक्रिप्शन का जो प्लान है वह अभी ऑफर किया जा रहा है। इसमें $20 हर महीने और $ हर महीने यानी मंथली का जो विकल्प है वो फिलहाल दिया गया है। आपको कौन सा प्लान लेना है यह पूरी तरीके से यूजर के इस्तेमाल पर निर्भर करेगा। मेटा का कहना है कि ज्यादातर लोगों को पेड प्लान की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी के जो एआई प्रमुख हैं एलेक्जेंडर वोंग उन्होंने कहा है कि जो यूजर हैं वह बड़ी संख्या में अपनी जरूरतें फ्री टियर में ही पूरा कर सकेंगे। हालांकि भारी इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए $ वाला जो प्लान है वो ज्यादा बेहतर हो सकता है। लेकिन एक सवाल आता है कि जब आपका यह चैटबॉट या फिर यह म्यूज आप आपके फोन का इस्तेमाल कर आपके वेब ब्राउज़र का इस्तेमाल कर अगर पेमेंट कर सकता है तो उसकी सिक्योरिटी कैसी होगी? जहां एक तरफ एआई एजेंट्स की ओर से कंपनियों के संवेदनशील दस्तावेजों तक जो ऑटोनॉमस एक्सेस की खबरें सामने आ रही हैं। कई खबरें आपने हाल फिलहाल में सुनी होंगी कि आखिर कैसे सिक्योरिटी ब्रीच करने की कोशिश इन एआई एजेंट्स की तरफ से की गई है। वहीं पर म्यूज की सुरक्षा पर भी सवाल उठना लाजमी है। सुरक्षा को लेकर मेटा की तरफ से दावा किया गया है कि म्यूज का यह जो हिस्सा है यह बहुत ही दिलचस्प है। सिर्फ इसका यह एआई मॉडल नहीं है बल्कि इसका जो पूरा सुरक्षा आर्किटेक्चर है वह बहुत इंपॉर्टेंट है। इसमें हर यूजर के लिए एक पूरी तरीके से अलग आइसोलेटेड एनवायरमेंट जो है वो बनाया गया है। यानी हर यूजर के लिए पूरी तरीके से अलग ये सिस्टम जो है वो म्यूज तैयार करता है। व MS एजेंट मेटा के क्लाउड में एक पूरी तरीके से वर्चुअल मशीन पर चलता है। इसमें [संगीत] एक बिल्ट इन ब्राउज़र दिया गया है जिससे कि यूजर काम करते हुए उसे लाइव देख सकता है कि आखिर आपका एi एजेंट क्या कुछ कर रहा है। म्यूज क्या कुछ कर रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि म्यूज के पास काम करने की प्रक्रिया पूरी तरीके से पर्दे के पीछे छिपी हुई नहीं रहती है। यूजर स्क्रीन पर देख सकता है कि आखिर यह एजेंट ब्राउज़र में क्या कर रहा है। मेटा के एआई जो प्रमुख एलेग्जेंडर वोंग है उनके तरफ से बताया गया है कि यह एजेंट कंपनी के कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर अपने अलग एनवायरमेंट में रन करता है और यूजर के जो असली पासवर्ड्स हैं या पेमेंट डिटेल्स हैं उनको यह सीधे एक्सेस नहीं कर सकता। इसके अलावा म्यूस की जो सिक्योरिटी है उसमें सेंटिनल नाम का एक अलग से अप्रूवल एजेंट भी है। इसके लॉन्च की जो टेक्निक है जो टेक्नोलॉजी है उसमें रिपोर्ट में बताया गया है कि सेंटिनल के पास नेटवर्क एक्सेस और कनेक्टर एक्शंस का जो पूरा नियंत्रण है वो होता है जिसके बाद म्यूज उन्हें सीधा एक्सेस नहीं कर सकता। वहीं क्रेडेंशियल्स की अगर हम बात करें तो क्रेडेंशियल्स को एक खास तरीके से संभाला जाता है। म्यूज को वास्तविक जो पासवर्ड हैं जो सीक्रेट रखने की जगह है या सीक्रेट प्लेस होल्डर्स टोकन है वो दिखाई देते हैं। वहीं असली सीक्रेट्स नेटवर्क की सीमा पर जरूरत के समय सिस्टम में डाले जाते हैं। वहीं इस डिजाइन का जो मकसद है वो यह है कि अगर कोई प्र्प इंजेक्शन के जरिए म्यू से क्रेडेंशियल हासिल करने की कोशिश भी करे तो उसे असली पासवर्ड या सीक्रेट सीधे तरीके से ना मिल सके। वहीं पेमेंट के वक्त में अभी जो सुरक्षा है वो बहुत ज्यादा जो है उस पर ध्यान दिया गया है। दरअसल शॉपिंग के दौरान मेटा ने कार्ड लेवल सुरक्षा को इसमें जोड़ा है। चेक आउट के समय एक वन टाइम कार्ड नंबर तैयार किया जाता है। इससे यूजर का जो असली कार्ड है वो नंबर मर्चेंट और एआई एजेंट दोनों से छिपा हुआ रहता है। यानी [संगीत] म्यूज को शॉपिंग पूरी करने के लिए वास्तविक जो कार्ड नंबर है वह देखने की जरूरत ही नहीं पड़ती। प्राइवेसी के मामले में मेटा का कहना है कि mus की जो बातचीत कंपनी के ऐड सिस्टम के साथ साझा नहीं की जाती है। वहीं [संगीत] मस मेटा के नए फ्रंटियर एi मॉडल mspark 1.3 पर चलता है। इसे मेटा सुपर इंटेलिजेंस लैब्स ने रिलीज़ किया है। म्यूसारk 1.3 को लंबे समय तक चलने वाले एजेंटिक कामों के लिए तैयार किया गया है। मेटा की जो आंतरिक तुलना के अनुसार muspark 1.3 और म्यूसारक 1.2 की तुलना में करीब 20% कम टूल कॉल्स और 25% कम टोकंस का इस्तेमाल करता है। कहा जा रहा है कि मेटा का यह एi एजेंट उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसमें कंपनी पर्सनल एi को अगले बड़े कंप्यूटिंग प्लेटफार्म के तौर पर तैयार कर रही है। यह प्रोडक्ट लंबे समय से डेवलपमेंट में था। मेटा के सीईओ मार्क ज़कबर्ग ने अपने हालिया बयान में इसे कंपनी के अगले महत्वपूर्ण कदमों में से एक [संगीत] बताया था। वहीं न्यूज़ को ऐसे समय में लाया गया है जब एi कंपनियां चैटबॉट से आगे बढ़कर ऐसे एजेंट बना [संगीत] रही हैं जो यूजर की ओर से वास्तविक दुनिया के काम जो है वो कर सकें। मेटा म्यूस दूसरे एi से आखिर कितना अलग है यह भी समझ लीजिए। दरअसल कई कंज्यूमर एआई टूल्स अभी भी यूजर को सुझाव या फिर ड्राफ्ट देने तक सीमित हैं। MS को इसके बजाय अंतिम कदम खुद उठाने वाले एजेंट के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि इसके साथ ज्यादा जोखिम जुड़ते हैं। ms में हर यूजर के लिए क्लाउड वीएस और अलग सेंटिनल अप्रूवल का जो इस्तेमाल है वो किया जाता है। इसका मकसद एजेंट को यूजर के संवेदनशील अकाउंट्स और सीक्रेट से अलग रखना है। म्यूज मेटा के क्लाउड में चलने वाली होस्टेड कंज्यूमर सर्विस है और यह उन लोकल और ओपन सोर्स एजेंट से अलग मॉडल है जिसमें एi एजेंट यूजर की अपनी मशीन पर चलता है [संगीत] और डाटा और ब्राउज़र लोकल रहते हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि जो इंफॉर्मेशनेशंस म्यूज के पास पहुंचेंगी आखिर वो कितनी सुरक्षित है। सिर्फ इसी को लेकर कहीं ना कहीं बहस होती हुई नजर आ रही है। लेकिन कंपनी का कहना है कि उसके लिए पहले से ही जो सिक्योरिटी लेयर्स हैं वो तैयार की गई हैं। जिसे तोड़ना आसान नहीं होगा। इसी प्रकार की वीडियोस देखने के लिए हमें सब्सक्राइब करना ना भूलें और एस्ट्रोलॉजी से जुड़ी लेटेस्ट जानकारी के लिए डाउनलोड करें माय ज्योतिष ऐप।
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Assuntos: Agentes de IA, Assistente pessoal, Muse. Publicado no YouTube em 2026-10-02.
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