Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Schooli Shiksha Civil Services.
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वीडियो सारांश
वीडियो में बताया गया है कि मॉर्गन स्टैनली, जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटी बैंक जैसे प्रमुख अमेरिकी बैंक थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स के अनधिकृत उपयोग और संभावित खतरों से निपटने के लिए उनके एक्सेस को रोक या सीमित कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- मॉर्गन स्टैनली, जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटी बैंक ने थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस सीमित करना शुरू कर दिया है।
- यूजर अपने दैनिक कार्यों को आसान बनाने के लिए एआई एजेंट्स को अपना यूजरनेम और पासवर्ड दे रहे हैं, जिससे सुरक्षा का खतरा पैदा हो गया है।
- जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डायमंड ने कहा कि उनका बैंक एआई एजेंट्स के खुद से काम करने के खतरे से निपटने के लिए नए टूल्स बना रहा है।
- बैंकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पहचानना है कि अकाउंट में कोई कार्य असली इंसान कर रहा है या एआई बोट।
- बैंकों द्वारा बीच का रास्ता निकालते हुए 'रीड ओनली एक्सेस' देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे एआई डेटा देख सके लेकिन ट्रांजैक्शन न कर सके।
विषय
एआई एजेंट्सबैंकिंग सुरक्षाजेपी मॉर्गनमॉर्गन स्टैनलीसाइबर सुरक्षाथर्ड पार्टी टूल्स
आप क्या सीखेंगे
- प्रमुख अमेरिकी बैंक अनधिकृत एआई एजेंट्स के एक्सेस को ब्लॉक कर रहे हैं।
- यूजर द्वारा एआई को क्रेडेंशियल साझा करने से वित्तीय सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे हैं।
- बैंक एआई और इंसानों के बीच अंतर पहचानने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
- भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए बैंक 'रीड ओनली एक्सेस' और 'डे आफ्टर सिनेरियो प्लानिंग' कर रहे हैं।
प्रश्न और उत्तर
कौन से बैंक थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोक रहे हैं?
मॉर्गन स्टैनली, जेपी मॉर्गन, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटी बैंक जैसे शीर्ष बैंक थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोक रहे हैं।
जेपी मॉर्गन के सीईओ कौन हैं?
जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डायमंड हैं।
रीड ओनली एक्सेस का क्या मतलब है?
रीड ओनली एक्सेस का मतलब है कि एआई एजेंट वित्तीय डेटा को देख तो सकेगा लेकिन कोई ट्रांजैक्शन या पैसे का फेरबदल नहीं कर पाएगा।
वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट
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तो मेरे भाई करंट अफेयर्स का जो अगला टॉपिक है वो यह है कि एआई एआई एजेंट्स की घुसपैठ से परेशान बैंक क्या करेंगे? तो इसके बारे में बात करते हैं मेरे भाई मॉ्गन स्टैनली जेपी मॉ्गन बैंक ऑफ अमेरिका और सिटी बैंक को ने थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोकने या सीमित करना शुरू कर दिया है। ध्यान में रखेंगे अभी हम जो भी बैंक का नाम बोले हैं यह सब दुनिया का दुनिया के कुछ शीर्ष बैंकों में से एक है। मॉ्गन स्टैनली जेपी मॉ्गन बैंक ऑफ अमेरिका या सिटी बैंक तो ये लोग थर्ड पार्टी थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोकना या सीमित करना शुरू कर दिया है। बैंक इस तकनीक को ब्लॉक कर रहे हैं और तेजी से अपने टर्म्स ऑफ सर्विस को बदल रहे हैं। मेरे भाई अमेरिका के बड़े बैंकों ने थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोकना या सीमित करना शुरू कर दिया है। सोचिए आपने अपने बैंक अकाउंट में लॉगिन भी नहीं किया। मान लीजिए हम आप में से कोई व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट में लॉगिन भी नहीं किए हो और आपके अकाउंट से पैसा ट्रांसफर होने लगे या कोई अपने मन से खरीददारी करने लगे तो ये तो डरने वाली ही बात है कि भाई हमने कुछ किया नहीं और हमारे अकाउंट से पैसा कट गया ट्रांसफर हो गया अमेरिका के सबसे बड़े बैंकों में इस वक्त यही यही खौफ छाया हुआ है। मॉ्गन स्टैनली बैंक ऑफ अमेरिका जेपी मॉ्गन और वेल्स फार्गो जैसे दिग्गज बैंक इस वक्त एक छिपे हुए खतरे से निपट रहे हैं। और वो खतरा है अन ऑथोराइज्ड एआई एजेंट्स यानी ऐसे एआई एजेंट्स जिन्हें बैंक ने मंजूरी नहीं दी है। अमेरिका की डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट एक्सिस एक्सियोस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक एआई एजेंट्स इतनी तेजी से बैंक सिस्टम तक पहुंच रहे हैं। एआई एजेंट्स इतनी तेजी से बैंक सिस्टम तक पहुंच रहे हैं कि बैंक उतनी तेजी से जवाबी कदम नहीं उठा पा रहा है। तो अब बातें करते हैं कि भाई एक्चुअल में ये जो मामला है यह एक्चुअल मामला है क्या? देखिए कई लोग हम में से कई लोग अपने रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने के लिए एआई एजेंट्स या एआई असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम में से लगभग लोग जो लोग भी थोड़ा सा अवेयर हैं वह कहीं ना कहीं एआई एजेंट्स का इस्तेमाल या एआई असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। अपने काम को निपटाने के चक्कर में यूजर्स खुद ही इन एआई एजेंट्स को अपना यूजर नेम और पासवर्ड दे दे रहा है। अब अब भले ही यूजर ने एआई को खुद परमिशन दी हो लेकिन ज्यादातर बैंकों के नियमों के मुताबिक अकाउंट होल्डर को अपने अकाउंट में खुद लॉगिन करना होता है। बोट या एजेंट से लॉगिन करने की इजाजत नहीं है। और असली खतरा एक्चुअल जो प्रॉब्लम है वह सिर्फ लॉगिन का नहीं है। बैंकिंग एग्जीक्यूटिव को असली डर इस बात का है कि अगर यूजर ने [हंसी] इस एआई एजेंट को अगर यूजर जो है वो इस एआई एजेंट को फंड ट्रांसफर करने या खरीददारी करने की परमिशन दे रखी है तो वो बैंक अकाउंट के साथ क्या-क्या कर सकता है? राइटर्स ने राइटर्स ने बैंकिंग इंडस्ट्री का के एक सूत्र के हवाले से बताया है कि कुछ मामलों में ग्राहकों ने कुछ मामलों में जो कस्टमर है वे लोग अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड एजेंट्स को दे दिए हैं। बैंक ऐसे ट्रांजैक्शन को आमतौर पर फ्लैग करके ब्लॉक कर देता है। लेकिन अगर क्रेडेंशियल ग्राहक ने खुद शेयर किए हैं तो इन ट्रांजैक्शन को अन ऑथोराइज्ड नहीं माना जा सकता है कि भाई आप अपना डाटा अपनी जो क्रेडेंशियल इंफॉर्मेशन है अगर आप खुद शेयर कर रहे हैं तो इसको अन ऑथोराइज्ड कैसे माना जाएगा रिपोर्ट में तो यहां तक कहा गया है कि कुछ मामलों में जब एआई एजेंट्स को कोई काम पूरा करने को दिया गया तो वे ऐसे कदम उठाते दिखे जो यूजर के निर्देशों से अलग लगते थे। कुछ एआई एजेंट्स ने खुद ही बैंक के कॉल सेंटर तक से संपर्क कर लिया। बैंक एग्जीक्यूटिव ने इस स्थिति को खौफनाक बताया है। एक अधिकारी के मुताबिक बैंक इंडस्ट्री को गहरी चिंता है कि एआई एजेंट्स ग्राहकों के अकाउंट तक पहुंचकर ऐसे कदम उठा सकते हैं जिनका असर उनके पैसों पर पड़ेगा। तो सवाल आता है यह जो बड़े-बड़े बैंकों का हमने नाम लिया है जेपी मॉ्गन हो मॉर्गन स्टैनली हो बैंक ऑफ अमेरिका या सिटी बैंक का हमने नाम लिया है तो ये सारे बैंक कर क्या रहे हैं ये लोग क्या कर रहे हैं मेरे भाई खतरा को गंभीरता को खतरा की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका के बड़े बैंक और ब्रोकरेज फर्म्स अब आक्रमक रुख अपना रहे हैं। इसी महीने अमेरिका के टॉप बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ने ग्राहकों की तरफ से काम करने वाले एआई एजेंट्स के खतरों पर खुलकर बात की है। कुछ ने चेतावनी दी कि यह तकनीकी ये तकनीक ग्राहकों और बैंकों दोनों के लिए काफी जोखिम बढ़ा रही है। अमेरिका के सबसे बड़े बैंक जेपी मोर्गन चेज के सीईओ है जेमी डायमंड। अमेरिका का सबसे बड़ा बैंक है जेपी मोर्गन चीज और उसके सीईओ जेमी डायमंड है। तो उन्होंने 13 अक्टूबर को तिमाही नतीजों का एनालिस्ट से बात करते हुए कहा कि उनका बैंक एआई एजेंट्स के खुद से काम करने के खतरे से निपटने के लिए नए टूल्स बना रहा है। उन्होंने कहा हम हर किसी बाहरी एजेंट को अपनी कंपनी के अंदर आने की इजाजत नहीं देंगे क्योंकि ये क्लाइंट्स और जेपी मॉ्गन दोनों के लिए बहुत जोखिम भरा है। वही ब्रोकरेज फर्म्स है जिसका नाम चार्ल्स स्वाब है। तो इसके सीईओ है रिचर्ड बूस्टर। इन्होंने इसी महीने कहा है कि उनकी कंपनी अनअ ऑथोराइज्ड एजेंट्स को ब्लॉक कर रही है। उन्होंने बताया कि मुझे हर दिन एक रिपोर्ट मिलती है जिसमें दर्ज होता है कि हम कितनी बार अलग-अलग एजेंट्स को हमें कितनी बार अलग-अलग एजेंट्स को ब्लॉक करना पड़ा और यह संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। हालांकि उनको लगता है कि लोग अभी अपनी फाइनेंसियल लाइफ में इसका उतना इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। हम इन्हें इसलिए ब्लॉक कर रहे हैं क्योंकि हम ऑथेंटिकेशन और एक्सपीरियंस पर अपना कंट्रोल रखना चाहते हैं। और खतरा को बढ़ता देख मॉर्गन स्टैनली जेपी मॉ्गन बैंक ऑफ अमेरिका और सिटी बैंक जैसे ये सारे बैंकों ने थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स का एक्सेस रोकना या सीमित करना शुरू कर दिया है। बैंक इस तकनीक को ब्लॉक कर रहे हैं और तेजी से अपने टर्म्स ऑफ सर्विस भी बदल रहे हैं। जेपी मॉ्गन के च जेपी मॉ्गन के चीज बैंक के प्रवक्ता ने कहा है कि ग्राहकों को अपना यूजरनेम और पासवर्ड किसी को नहीं देना चाहिए। वहीं मॉर्गेज स्टैनली के प्रवक्ता का कहना है कि उन्होंने अब तक अपने प्लेटफार्म पर किसी रोग यानी बेकाबू एजेंट को रोग कहा जाता है तो एआई एजेंट को घुसते नहीं देखा। फिर भी बैंक ने थर्ड पार्टी एआई एजेंट्स को ब्लॉक कर दिया है। तो अब आखरी बात करते हैं कि सबसे बड़ी चुनौती क्या है? व्हाट इज द बिगेस्ट चैलेंज कि अगर एआई एजेंट्स आप खुद ही अपना यूजरनेम और पासवर्ड अगर एआई को शेयर करते हैं खरीदारी का अधिकार देते हैं और उसी से एआई एजेंट आपके अकाउंट से पैसा ट्रांसफर करने लगे तो क्या-क्या दिक्कत आ सकता है? तो देखिए सबसे पहले तो बैंकों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत यह है कि असली इंसान और एआई बोट के बीच फर्क पहचानना। मतलब बैंक को यह समझना होगा कि भाई एक्चुअल इंसान कौन है और एआई बॉक्स कौन है जो एक्चुअल इंसान का पासवर्ड यूजरनेम शेयर कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक कई बैंक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अकाउंट में एजेंट जो कर रहा है वह यूजर के कहने पर कर रहा है या अपने मन से कर रहा है। एक बैंक एग्जीक्यूटिव ने बताया कि उन्हें अलग-अलग एजेंट्स में वर्क करने में भी मुश्किल हो रही है। साथ ही यह पहचानने में भी किसी एजेंट को यूजर ने ऑथोराइज किया है या बेकाबू होकर अकाउंट तक पहुंच गया है। देखिए कोई भी बैंक एआई के पूरी तरफ तो खिलाफ नहीं है। ऐसा नहीं है कि ये जो मॉ्गन स्टैनली जेपी मॉ्गन या सिटी बैंक या बैंक ऑफ अमेरिका जो है यह एआई एजेंट्स के खिलाफ है। ऐसा नहीं है। बैंक समझ रहे हैं कि आने वाले टाइम में कस्टमर्स एआई एआई एजेंट का इस्तेमाल करना ही चाहेंगे और इसलिए एक मिडिल ग्राउंड यानी बीच का रास्ता तलाशने की कोशिश हो रही है। कस्टमर और बैंक के बीच में। ज्यादातर बैंक या तो रीड ओनली एक्सेस दे चुके हैं या उस तरफ बढ़ रहे हैं। इसका मतलब है कि एआई एजेंट आपके फाइनेंशियल डाटा को देख तो सकेगा लेकिन कोई ट्रांजैक्शन या पैसे का फेरबदल नहीं कर पाएगा। जिसको हम रीड ओनली एसएस कह रहे हैं। पर फिलहाल बैंकों को लगता है कि ज्यादा ढील देना बहुत जोखिम भरा होगा। अब आगे क्या होगा? तो बैंकों के पास पैसे और रिसोर्सेज की कोई कमी नहीं है। लेकिन एक इंफॉर्मेशन के मुताबिक सिर्फ पैसे से यह दिक्कत हल नहीं होने वाली है। वजह क्या है? तो वजह यह है कि तकनीक जितनी तेजी से टेक्नोलॉजी जितना फास्टली चेंज हो रहा है उतनी ही तेजी से कई नई-नई कमजोरियां भी सामने आ रही है। इसलिए बैंक अब सबसे बुरी स्थिति के लिए भी तैयारी कर रहे हैं। वह डे आफ्टर सिनेरियो प्लानिंग कर रहे हैं। यानी अगर कोई बड़ा एआई अटैक या ब्रीच हो जाए तो कस्टमर का एक्सेस तुरंत सिक्योर या रिस्टोर कैसे किया जाए इसकी पहले से तैयारी कर रहे हैं। तो कुल मिलाकर के यही एआई एजेंट्स के घुसपैठ की बातें हो रही है। जिसके लिए बैंक पहले ही से प्री प्लान कर रहे हैं। तो ये कहानी यही समाप्त होता है। अब अगला कहानी हम लोग हिस्ट्री हिस्ट्री में मॉडर्न इंडिया और चौथा चैप्टर जो एडमिनिस्ट्रेटिव ऑर्गेनाइजेशन और इकोनॉमिक एंड कल्चरल पॉलिसीज है तो उसमें जो पुलिस टॉपिक है उसके बारे में डिस्कस करेंगे। तो इस वीडियो में इतना ही मिलते हैं हम अगले वीडियो में तब तक के लिए धन्यवाद।
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Assuntos: Agentes de IA. Publicado no YouTube em 2026-10-25.
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