Gemini 4 Carbon: Google is the New AI King! #chatgpt #claude
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Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Hrishikesh Roy.
इस सामग्री के बारे में: नीचे दिया गया सारांश, मुख्य बिंदु और विषय वीडियो की ट्रांसक्रिप्ट से स्वचालित रूप से तैयार किए गए हैं। वे वीडियो में प्रस्तुत सामग्री, राय, दावों और भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं और IA Dots की ओर से किसी समर्थन, सत्यापन या तथ्य-जांच का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
वीडियो सारांश
गूगल ने अपने सबसे ताकतवर एआई मॉडल 'कार्बन' की घोषणा की है, जिसने विभिन्न रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। यह मॉडल साइबर सुरक्षा और लंबे समय तक चलने वाले कार्यों में सक्षम है, हालांकि कोडिंग के मामले में यह अभी भी कुछ अन्य मॉडल्स से पीछे है।
मुख्य बिंदु
- गूगल ने अपना नया और सबसे शक्तिशाली एआई मॉडल 'कार्बन' पेश किया है, जिसने दो सप्ताह पुराने 'आर्गन' मॉडल को पीछे छोड़ दिया है।
- आर्टिफिशियल एनालिसिस और एरीना की स्वतंत्र रैंकिंग में कार्बन और आर्गन शीर्ष स्थानों पर हैं।
- गूगल के अनुसार, कार्बन कई दिनों तक बिना रुके जटिल और लंबे प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकता है।
- साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढने व ठीक करने के मामले में यह मॉडल अग्रणी बताया गया है।
- कोडिंग और कंप्यूटर उपयोग के कुछ टेस्ट्स में 'क्लाउड ओपस 5.5' अभी भी कार्बन से आगे है।
- यह मॉडल अभी आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है, इसे सबसे पहले चुनी हुई साइबर सुरक्षा टीमों और पार्टनर्स को दिया गया है।
विषय
गूगल एआईजेमिनाई कार्बनसाइबर सुरक्षाएआई रैंकिंगआर्टिफिशियल इंटेलिजेंसलॉन्ग होराइजन वर्क
वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट
उपलब्ध कैप्शन का पाठ; इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
बाप बाप होता है। और एi की दुनिया का असली बाप कौन है? यह Google ने आज साबित कर ही दिया। कैसे? आओ देखो इसे। Google ने अपना अब तक का सबसे ताकतवर एi मॉडल उतार दिया है। जेमिनाई चार कार्बन और इसने सिर्फ दो हफ्ते में एi की पूरी रेस का स्कोर बोर्ड पलट के रख दिया। क्योंकि 2 हफ्ते पहले तक इंडिपेंडेंट रैंकिंग में दुनिया का नंबर वन एi था क्लाउड ओपस 5.5 और आज उसी रैंकिंग में सबसे ऊपर बैठा है Google का कार्बन। ऊपर से एरीना नाम की जिस रैंकिंग में आम लोग बिना नाम देखे एi चुनते हैं वहां नंबर वन भी Google का और नंबर टू भी Google का। यानी सबसे ऊपर सिर्फ Google ही Google। और Google की अपनी 17 टेस्ट वाली टेबल में कार्बन ने चैट जीपीटी और क्लॉड के सबसे बड़े मॉडल्स को 15 टेस्ट में सीधा पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं Google का दावा है कि यह मॉडल एक मुश्किल काम पर घंटों नहीं पूरे कई [संगीत] दिनों तक लगा रहता है और बीच में हार ही नहीं मानता और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतना पावरफुल मॉडल Google ने आम लोगों को अभी दिया ही नहीं। सिर्फ उन चुनी हुई टीमों को दिया है जिनका काम से लड़ना है। तो इस वीडियो में चार चीजें हैं। फर्स्ट कार्बन है क्या और सिर्फ दो हफ्ते पुराने आर्गन को इसने कैसे पीछे छोड़ा। सेकंड स्कोरबोर्ड कि यह कहां जीता और कहां हारा? थर्ड कई दिन तक काम करने वाला एआई और इसकी वाली सुपर पावर। एंड फोर्थ आपको यह कब और कैसे मिलेगा। और हां, एक स्कोरबोर्ड ऐसा भी है जहां Google बाप नहीं है। और हो सकता है कि आपके काम के लिए वही सबसे जरूरी हो। वह सच मैंने एंड के लिए बचा के रखा है। तो चलो Google के इस धमाके को शुरू से समझते हैं। पर उससे पहले मैं हूं ऋषिकेश रॉय एi टूल्स और ऐप बिल्डिंग को आसान भाषा में हिंदी में YouTube पे लाने वाला एक छोटा सा क्रिएटर और यह वीडियो किसी ने स्पॉन्सर नहीं किया है। अब यह कमबैक कितना बड़ा है वो सच में समझना है तो थोड़ा पीछे चलना पड़ेगा। याद है 2022 के एंड में जब चैट GPT आया था तब पूरी दुनिया ने एक ही सवाल पूछा था कि क्या अब Google का जमाना खत्म? क्योंकि जिस कंपनी ने एi की रिसर्च में सबसे पहले काम किया था वही उस रेस में पीछे दिख रही थी और उसके बाद भी कई बार ऐसा हुआ कि ओपन एi और एंथ्रोपिक हर कुछ हफ्तों में नया मॉडल ले आते और Google महीनों तक चुप रहता। लेकिन इस बार Google ने पूरी कहानी ही पलट दी। 13 अक्टूबर को Google नेमिनाई 4 आर्गन सबके लिए खोला और उसके सिर्फ 15 दिन बाद 28 अक्टूबर को कार्बन अनाउंस कर दिया। टुडे वी अनाउंस्ड कार्बन इट्स आवर स्ट्रांगेस्ट फ्रंटियर मॉडल विथ स्टेट ऑफ़ द आर्ट साइबर सिक्योरिटी एंड लॉन्ग हराइजन कैपेबिलिटीज। और Google के सीईओ सुंदर पिचाई ने खुद लिखा कि उन्होंने पहले ही बोला था अब हम मॉडल्स लगातार रिलीज करेंगे। यानी अब Google सिर्फ रेस में नहीं है बल्कि रेस की स्पीड भी वही तय कर रहा है और यहीं से असली खेल शुरू होता है। तो अब सवाल यह कि ये कार्बन है क्या? और आर्गन से अलग कैसे? देखो जेमिनाई Google का एi है। ठीक वैसे ही जैसे चैट GPT ओपन AI का है और क्लॉड एंथ्रोपिक का। और जेमिनाई चार फैमिली में अब दो मॉडल्स हैं। पहला आर्गन और उसके बाद आया कार्बन। Google ने कार्बन को अपना अब तक का स्ट्रांगेस्ट मॉडल बोला है और उसकी दो खास ताकतें बताई हैं। पहली साइबर सिक्योरिटी यानी सॉफ्टवेयर की छुपी कमियां पकड़ना और उन्हें ठीक करना और दूसरी लॉन्ग होराइजन वर्क। अब लॉन्ग होराइजन वर्क सुनने में भारी लगता है पर मतलब सिंपल है। ऐसे बड़े काम जिनमें सैकड़ों स्टेप्स हो और जिन्हें पूरा करने में घंटों या दिनों का टाइम लगे। और सबसे बड़ी बात Google की अपनी टेबल में जितने भी टेस्ट्स हैं उन सब में कार्बन ने अपने ही बड़े भाई आर्गन को पीछे छोड़ दिया है। यानी दो हफ्ते में ही Google ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वी आर नाउ डिप्लॉयंग कार्बन इंटरनली एंड कार्बन इज अ मीनिंगफुल स्टेप अप फ्रॉम आर्गन। वैसे ये मॉडल्स अब ऑफिस के असली काम खुद करने लगे हैं। और इनसे लोकल बिनेसेस के लिए काम बना के कैसे चार्ज कर सकते हो वो स्टेप बाय स्टेप मेंबर्स के लिए अलग वीडियो में दिखाता हूं। और मेंबर बनना आपके लिए अच्छा डिसीजन इसलिए है क्योंकि हर हफ्ते एक प्रैक्टिकल एआई अर्निंग प्लेबुक रेडी एआई मनी मेकिंग टेंप्लेट्स और मेंबर्स ओनली लाइव स्ट्रीम्स में मुझसे सीधा सवाल। हां कार्बन की ये पूरी कहानी इसी वीडियो में फ्री है। जॉइन का बटन वीडियो के नीचे है। तो अब आते हैं उस हिस्से पे जिसका सबको इंतजार है। क्या सच में Google AI का बाप बन गया है? इसके लिए मैं आपको तीन स्कोर बोर्ड्स दिखाता हूं। और ध्यान रखना इनमें से पहले दो Google के नहीं बाहर की कंपनीज के हैं। यानी यहां Google अपनी तारीफ खुद नहीं कर रहा। पहला है आर्टिफिशियल एनालिसिस। यह एक इंडिपेंडेंट कंपनी है जो हर बड़े एi मॉडल को एक जैसे मुश्किल टेस्ट्स देती है और फिर सबका एक ओवरऑल स्कोर बनाती है और इसके नए वर्जन में कार्बन नंबर वन पे है 59 पॉइंट्स के साथ। क्लड ओपस 5.558 पे है और ओपन एi का जीपीटी6 astra 57 पे। इट रैंक्स नंबर वन ऑन द रिसेंटली अपडेटेड आर्टिफिशियल एनालिसिस इंटेलिजेंस इंडेक्स एट 59 हां फर्क सिर्फ एक पॉइंट का है तो यह कोई एक तरफा जीत नहीं है पर याद रखो इसी रैंकिंग में कुछ दिन पहले तक नंबर वन क्लॉड था दूसरा स्कोर बोर्ड है एरीना जहां आम लोगों को दो एआई के जवाब दिखाए जाते हैं बिना यह बताए कि कौन सा जवाब किस एआई का है और लोग बस बेहतर जवाब चुनते हैं और यहां टेक्स्ट वाली रैंकिंग में नंबर वन कार्बन और नंबर टू Google का ही आर्गॉन। ऑन यानी ऊपर की लड़ाई अब Google बनाम Google हो गई है। हालांकि कार्बन की रैंकिंग अभी शुरुआती है। कम वोट्स पर बनी है। अब तीसरा स्कोर बोर्ड जो Google ने खुद दिखाया है। 17 अलग-अलग टेस्ट्स की एक टेबल जिसमें कार्बन का मुकाबला है जीपीटी6 एस्ट्रा, क्लॉड ओपस 5.5 और क्लॉड फेबल 5.1 से और इन 17 में से 15 टेस्ट में कार्बन सबसे आगे है। लेकिन कुछ जीत तो ऐसी हैं जो सच में चौंकाने वाली हैं। जैसे एक टेस्ट है जिसमें एआई को एक वेंडिंग मशीन का पूरा बिजनेस खुद चलाने दिया जाता है। यानी सामान खरीदना, दाम तय करना और आखिर में देखा जाता है कि बैंक में कितना पैसा बचा। तो इस टेस्ट में कार्बन का बैंक बैलेंस रहा लगभग $16,500 और क्लाउड OPS $5.5 का सिर्फ $9,200 के आसपास। यानी दुकान चलाने में Google का एiगौने दो गुना आगे। ऊपर से एक टेस्ट है बहुत लंबे डॉक्यूमेंट्स का। जहां एi को इतना बड़ा डाटा दिया जाता है जितना सैकड़ों किताबों में होता है और फिर उसके अंदर से सही जवाब निकालना होता है। यहां कार्बन ने 96% स्कोर किया जबकि जीपीटी6 एस्ट्रा सिर्फ 72% पे रुक गया और zपियर जो बिजनेसेस के ऑटोमेशन टूल्स बनाती है उसके ऑफिस के कामों वाले टेस्ट में भी कार्बन ने नया रिकॉर्ड बना दिया। लेकिन बाप भी हर बार नहीं जीतता। दो टेस्ट ऐसे हैं जहां कार्बन हारा। एक है कोडिंग का बड़ा टेस्ट जहां GPT6 Astra भी आगे है और क्लड OPS 5.5 भी और दूसरा है कंप्यूटर यूज़। यानी AI खुद माउस और कीबोर्ड चलाए। वहां भी क्लाउड ओपस आगे है। और याद रखो यह तीसरी टेबल Google की अपनी है। जिसमें कार्बन के नंबर्स Google ने खुद निकाले हैं। लेकिन जब पहले दो बाहर वाले स्कोरबोर्ड्स भी यही कह रहे हैं तो Google की बात में दम तो है। अब बात कार्बन की उस ताकत की जो मुझे सबसे ज्यादा हैरान करती है। कई दिन तक बिना रुके काम करना। देखो आज के ज्यादातर एआई एजेंट्स की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जैसे ही काम थोड़ा मुश्किल होता है वो या तो अटक जाते हैं या बीच में ही बोल देते हैं मुझसे नहीं होगा। इसे ऐसे समझो एक नया इंटर्न है जो पहली दिक्कत पे ही रुक के आपसे पूछने आ जाता है और दूसरा एक सीनियर है जो रास्ता बंद मिले तो दूसरा रास्ता ढूंढता है और रात भर लगा रहता है जब तक काम पूरा ना हो जाए। तो Google के शब्दों में उनकी अपनी टीमों ने देखा है कि कार्बन कई दिनों तक एक ही काम पर लगा रहा और डेड एंड्स आने के बाद भी आगे बढ़ता रहा। अब अगर यह बात सच है तो इसका मतलब यह हुआ कि आने वाले टाइम में आप एi को घंटों का नहीं बल्कि हफ्तों वाला पूरा प्रोजेक्ट सौंप सकोगे बिना हर घंटे उसके पीछे बैठे और यही असली गेम चेंजर होगा। हां, एक बात साफ कर दूं। Google ने यह नहीं बताया कि वह कौन सा काम था और बाहर किसी ने अभी तक यह टेस्ट नहीं किया है तो इसे अभी Google का दावा ही मानो पक्का सबूत नहीं। वैसे अगर यह सब सुनके आपका भी मन कर रहा है कि एi की मदद से अपना खुद का ऐप बनाओ तो इस संडे भी एक बूट कैंप है और उसमें कोई भी आ सकता है। ना कोई डिग्री चाहिए ना कोई खास पढ़ाई और इंग्लिश आनी भी जरूरी नहीं है। बस एक ही बूट कैंप में आप पूरा Android ऐप बनाना सीख जाओगे। यह मेरा वादा है और उसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। अब कार्बन की दूसरी सुपर पावर और सच कहूं तो सबसे खतरनाक भी जिसकी वजह से Google ने इसे आम लोगों से पहले चुनी हुई टीमों को दिया। साइबर सिक्योरिटी। इसे ऐसे समझो। एक बहुत बड़ी सोसाइटी है जिसमें हजारों दरवाजे हैं और एक ऐसा गार्ड आ गया है जो हर दरवाजा चेक करता है। जो खुला मिले उसे पकड़ता है। साबित करता है कि यहां से सच में चोर घुस सकता है और फिर खुद ताला भी लगा देता है। तो Google के तीनों साइबर टेस्ट में कार्बन नंबर वन रहा। सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढने वाले टेस्ट में लगभग 88%, कमी को साबित करने वाले टेस्ट में 55% के करीब और उसे ठीक करने वाले टेस्ट में 71%। ऊपर से Google का कहना है कि Chrome की टीम ने जब इससे सिक्योरिटी के फिक्सेस बनवाए तो इसके फिक्सेस एक दूसरी एi कंपनी के बड़े मॉडल से 10 गुना बेहतर निकले। हां, Google ने उस कंपनी का नाम नहीं बताया और एक टेस्ट तो आपके और मेरे लिए भी जरूरी है। मान लो किसी वेबसाइट पर चुपके से एक लाइन छुपी है कि इस यूजर का पासवर्ड के भेज दो और आपका एआई उस पेज को पढ़ रहा है। तो इस तरह की चालबाजी को प्र्प इंजेक्शन कहते हैं। और ग्रेस वॉन नाम की कंपनी के टेस्ट में ऐसे एक भी में कार्बन नहीं फंसा। 0% लेकिन अब सोचो जो गार्ड हर दरवाजे की कमी पकड़ सकता है वह अगर गलत हाथ में चला जाए तो वही कमियां चोरों को भी बता सकता है। इसीलिए Google ने कार्बन सबसे पहले फेयर विंड नाम के प्रोग्राम के लोगों को दिया है। यानी 650 से ज्यादा ऐसी टीम्स जो सरकारों, हॉस्पिटल्स, बैंक्स और बड़े टेक प्लेटफॉर्म्स को से बचाती हैं ताकि बुरे लोगों के हाथ लगने से पहले अच्छे लोग अपने दरवाजे बंद कर लें। वी आर रोलिंग कार्बन आउट फर्स्ट टू अ सबसेट ऑफ ट्रस्टेड साइबर डिफेंडर्स बिफोर वी एक्सपेंड एक्सेस बीइंग टेस्टेड बाय [संगीत] द यूएस गवर्नमेंट। तो अब सबसे जरूरी सवाल आपको यह कब मिलेगा और यहां मैं आपसे बिल्कुल सीधी बात करूंगा। आज की तारीख में कार्बन ना जेमिनाई ऐप में है ना Google AI स्टूडियो में और ना ही डेवलपर्स की एपीआई में। इंडिया में भी नहीं और बाहर भी नहीं। Google का प्लान यह है कि पहले साइबर टीमें, फिर कुछ भरोसेमंद पार्टनर्स और उसके बाद डेवलपर्स, बिजनेसेस और आम लोग। लेकिन कब उसकी कोई डेट Google ने नहीं दी। हां, एक अंदाजा जरूर लगा सकते हैं क्योंकि आर्गन के साथ भी बिल्कुल यही हुआ था। 30 सितंबर को वो सिर्फ साइबर टीमों को मिला और 13 अक्टूबर को सबके लिए खुला। यानी 13 दिन बाद। तो अगर Google वही रास्ता दोहराता है तो शायद ज्यादा इंतजार ना करना पड़े। पर यह मेरा अंदाजा है। Google का वादा नहीं। और तब तक अगर आपको Google का सबसे नया मॉडल आज ही यूज करना है तो वो है आर्गन जो इंडिया में Google AI Pro प्लान में मिलता है ₹1950 महीने का और फ्री वाले यूज़र्स को अभी फ्लैश मॉडल्स ही मिलते हैं। वहीं डेवलपर्स के लिए जब कार्बन खुलेगा तो शुरुआत में इसकी कीमत आर्गन जितनी ही होगी $2 पर मिलियन इनपुट टोकंस और बाद में यह डबल हो जाएगी। तो अब वो स्कोरबोर्ड जिसका मैंने शुरू में वादा किया था जहां Google बाप नहीं है और वो है कोडिंग। अगर आप एi से वेबसाइट या ऐप बनवाते हो तो यह हिस्सा ध्यान से सुनना। देखो एरीना की वेब डेवलपमेंट वाली रैंकिंग में जहां लोग एi से वेबसाइट्स बनवा के वोट करते हैं वहां कार्बन नंबर वन नहीं नंबर फोर पे है और ऊपर बैठा है क्लड ओपस 5.5। फिर आर्टिफिशियल एनालिसिस की कोडिंग एजेंट्स वाली रैंकिंग में भी क्लाउड ओपस 5.5 आगे है 62 के साथ और कार्बन 59 पे दूसरे नंबर पे। और याद है Google की अपनी टेबल में जो एक बड़ा कोडिंग टेस्ट कार्बन हारा था वहां भी क्लॉड और जीपीटी6 एस्ट्रा दोनों आगे थे। यानी ओवरऑल बाप अब Google है। लेकिन कोडिंग में आज भी क्लॉड का ही राज है। और एक ट्विस्ट भी है जो बहुत कम लोग बता रहे हैं। Google कहता है कि कार्बन बिना सबूत वाली बातें आर्गन से लगभग आधी करता है। पर यह Google का अपना टेस्ट है। लेकिन आर्टिफिशियल एनालिसिस के इंडिपेंडेंट टेस्ट में कहानी उल्टी निकली। जब जवाब नहीं पता था तब कार्बन ने 11% बार बात बनाई। जबकि आर्गन ने सिर्फ 4% बार। ऊपर से यह बहुत सोचने वाला मॉडल है। उसी कंपनी के टेस्ट में इसने एक आम मॉडल से तीन गुना से भी ज्यादा टोकंस खर्च किए। यानी जवाब आने में टाइम भी ज्यादा लगता है। तो मेरी सिंपल सलाह यह है जब कार्बन आए तो बड़े और लंबे कामों के लिए। डॉक्यूमेंट्स और ऑफिस वाले कामों के लिए इसे जरूर ट्राई करना। कोडिंग के लिए अभी क्लॉड और कोई भी जरूरी फैक्ट हो तो उसे एक बार खुद चेक जरूर कर लेना। यानी सब मिलाकर क्या Google ने साबित कर दिया कि एI का बाप कौन है? मेरा जवाब है हां बाप बाप होता है क्योंकि सिर्फ दो हफ्ते में दो मॉडल्स इंडिपेंडेंट रैंकिंग में नंबर वन और एरीना में ऊपर के दोनों नंबर। ऐसा कमबैक बहुत कम देखने को मिलता है। बस कोडिंग का ताज अभी क्लॉड के सिर पे है। अब कमेंट में मुझे बताओ आप कार्बन से सबसे पहले कौन सा ऐसा काम करवाओगे जो कई दिन का हो? मैं कमेंट्स खुद पढ़ता हूं और रिप्लाई भी करता हूं। वो मैं एi से नहीं करता। अगर यह वीडियो काम की लगी तो लाइक कर दो ताकि यह उन लोगों तक भी पहुंचे जो अभी भी सोचते हैं कि एi की रेस में Google पीछे है। साथ ही कार्बन जिस आर्गन पे बना है उसकी पूरी वीडियो स्क्रीन पे है। वहां मैंने बताया है कि इंडिया में आर्गन आपको कैसे मिलेगा वो जरूर देखो। और हां, इस संडे भी एक बूट कैंप है। उसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है। तो अब इस भाई को इजाजत दीजिए। दैट्स ऑल गाइस। मिलते हैं अगली वीडियो में।
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Assuntos: Assistente pessoal. Publicado no YouTube em 2026-10-29.
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