German Humanoid Robot Case: जर्मनी में ह्यूमनॉइड रोबोट ने की यौन हिंसा ! | N18V | Robot Crime Case
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Vídeo em Hindi, publicado pelo canal News18 Rajasthan.
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वीडियो सारांश
वीडियो में जर्मनी में एक ह्यूमेनाइड रोबोट द्वारा 16 साल की लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना और उससे जुड़े कानूनी तथा सुरक्षा संबंधी सवालों पर चर्चा की गई है।
मुख्य बिंदु
- जर्मन पुलिस ने 11 अक्टूबर को कोलोन में एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट के बाहर एक ह्यूमेनाइड रोबोट को जब्त किया, जिस पर 16 साल की लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है।
- यह रोबोट चीनी कंपनी यूनिट्री का R1 एयर मॉडल था, जिसका मालिक 16 साल का लड़का था और उसके साथ एक अन्य साथी भी था।
- यूरोपीय संघ की एजेंसी यूरोपोल की रिपोर्ट के अनुसार, भविष्य में रोबोटों के हैक होने और अपराधों में उनके इस्तेमाल का खतरा बढ़ सकता है।
- रोबोटों द्वारा पहले भी शारीरिक नुकसान या दुर्घटनाओं के मामले सामने आ चुके हैं, जैसे कैलिफोर्निया में बच्चे को टक्कर मारना और शतरंज खेलते समय बच्चे की उंगली तोड़ना।
- कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोटों को वर्तमान में 'कानूनी व्यक्ति' नहीं माना जाता है, इसलिए उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता और अपराध के लिए उनकी नीयत साबित करना मुश्किल है।
विषय
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वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट
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कहा जाता है कि एक कचौड़ी दो समोसा इन रोबोटों का आप समझ ही गए होंगे क्योंकि यह जो डायलॉग था यह जो स्लोगन निकल कर आया वो विद्रोह का स्लोगन था जहां पर महिलाएं खड़ी हुई थी लेकिन अब यह रोबोट के लिए यूज़ हो रहा है क्योंकि जर्मनी में ह्यूमनाइड रोबोट ने यौन हिंसा की है तो क्या मशीन को सजा हो सकती है नमस्कार आप देख रहे हैं न्यूज़ 18 मैं हूं आपके साथ श्रुति श्रीवास्तव एक कचौड़ी दो समोसा इन मर्दों का क्या भरोसा दिल्ली में हाल ही में बलात्कार की घटना के खिलाफ कई लड़कियां सड़कों पर उतरी और यह नारा बहुत ज्यादा इंटरनेट पर वायरल हुआ। कई लोग इस नारे पर आपत्ति जताने लगे तो कुछ को इसके पीछे लड़कियों का गुस्सा समझ आया। पर यह सिर्फ भारत की बात नहीं महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले पूरी दुनिया में चौंकाने वाले हैं। लेकिन जर्मनी में जो हुआ वो हैरान करने वाला था। देखिए जर्मन पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक ह्यूमनाइड रोबोट को जब्त कर लिया। आरोप है कि उसने 16 साल की लड़की के साथ यौन उत्पीड़न किया। यह घटना रात को कोलोन के एक फास्ट फूड रेस्टोर के बाहर हुई। यानी जब सिर्फ पुरुष ही नहीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रोबोट से भी खतरा बताया जा रहा है। यूनिसेफ के आंकड़े बताते हैं कि 18 साल से पहले ही 37 करोड़ से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं के साथ बलात्कार या यौन उत्पीड़न हो चुका है। ज्यादातर बचपन की यौन हिंसा 14 से 17 साल की उम्र के बीच होती है। यानी अभी तक महिलाओं को पुरुषों से खतरा था। पर अब रोबोट इस दुनिया को और भी असुरक्षित बना रहे हैं। पर सवाल उठता है कि अगर कोई ह्यूमनाइड रोबोट यानी मशीन अपराध करें तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? अपराध के लिए क्या रोबोट को सजा हो सकती है? जर्मनी में 16 साल की लड़की के साथ आखिर क्या हुआ? रिपोर्ट्स बताती हैं कि रोबोट का मालिक 16 साल का लड़का था और उसके साथ 19 साल का एक साथी भी था। पूरी घटना रिकॉर्ड हुई और लाइव स्ट्रीम भी हुई। इसके बाद पुलिस ने रोबोट को कार के बूट में पाया और उसे जब्त कर लिया। साथ में दो मोबाइल फोन भी ले लिए हैं। द टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यह रोबोट चीनी कंपनी यूनिट्री का R1 एयर मॉडल था। इसकी ऊंचाई करीब 4 फीट थी और इसने आयरन मैन जैसे कॉस्ट्यूम पहना हुआ था। इसकी कीमत लगभग 5.3 लाख बताई गई है और इस बात की जांच जारी है कि रोबोट ने यह हरकतें कैसे की। क्या कोई इंसान उसे कंट्रोल कर रहा था? पहले से उसमें ऐसा कोई प्रोग्राम किया गया था या कोई तकनीकी खराबी थी यह जानना जरूरी है क्योंकि कानूनी जिम्मेदारी इसी पर निर्भर करेगी। आज धीरे-धीरे इंसानी कामों को मशीनों के हाथ में दिया जा रहा है। लेकिन इस खतरे की भी भनक लोगों को है कि यह सब धीरे-धीरे कितना खतरनाक हो सकता है। यह पहला मौका नहीं जब किसी रोबोट ने अपराध किया है या किसी इंसान को शारीरिक नुकसान पहुंचा है। यूरोपीय संघ की लॉ इनफोर्समेंट एजेंसी यूरोप पोल ने 2035 तक रोबोटिक्स और अनमैंड सिस्टम के अपराध और पुलिसिंग पर असर का असर पर एक रिपोर्ट बनाई है। रिपोर्ट में कहा गया कि भविष्य में ऐसा हो सकता है कि अपराधी बुजुर्गों या कमजोर लोगों की देखभाल करने वाले रोबोटों को हैक कर सकते हैं। इससे निजी जानकारी लीक हो सकती है या इनकी देखभाल जिनकी देखभाल हो रही है उनके साथ छेड़छाड़ भी हो सकती है और इसके साथ ही अपराध के लिए रोबोटो का इस्तेमाल बढ़ने की भी संभावनाएं हैं। ऐसे में यह तय करना बेहद मुश्किल हो जाएगा कि आखिर अपराध किसका है? क्या रोबोट आउट ऑफ कंट्रोल हुआ है या उसमें पहले से ही ऐसा प्रोग्राम डाला गया है? पहले भी अपराध कर चुके हैं रोबोट। समझिए सितंबर 2016 में कैलिफोर्निया के एक शॉपिंग सेंटर में सिक्योरिटी रोबोट ने एक छोटे बच्चे को टक्कर मारकर गिरा दिया। रोबोट बच्चे को ठीक से पहचान नहीं पाया या जानबूझकर हमला करने का आरोप नहीं था बल्कि रोबोट की उस खराबी का मामला था जिसमें वह किसी व्यक्ति को पहचान कर बच नहीं पाया। वहीं सऊदी अरब के रियाद में एक ह्यूमनाइड रोबोट ने मार्च 204 में एक महिला के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। एक लाइव प्रेजेंटेशन के दरमियान रोबोट अल अरबिया की महिला रिपोर्ट के पीछे रिपोर्टर के पीछे खड़ा हो गया और अपना दाया हाथ आगे बढ़ाया। वायरल वीडियो में ऐसा लग रहा था कि रोबोट का हाथ रिपोर्टर की कमर के निचले हिस्से को छू रहा है। वहीं दिसंबर 2025 में एक रोबोट ने शतरंज खेलते हुए एक बच्चे की उंगली तोड़ दी। 2016 में फ्यूचर लैबोरेटरी की ट्रेसी फॉलोस ने भविष्यवाणी की कि 2040 तक मशीनें इंसानों से ज्यादा अपराध कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से रोबोट खुद अपराधिक गतिविधियां प्रोग्राम कर सकते हैं। बढ़ते मामलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या रोबोट को अपराधिक जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। खासकर जब उसकी हरकतें यौन उत्पीड़न जैसी हो। अब कानून क्या कहता है? फर्स्ट फर्स्ट पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि कानून की लेक्चरर एन थानराज ने कमरिया यूनिवर्सिटी में एक लेख लिखा। क्या रोबोट पर अपराध का मुकदमा चलाया जा सकता है? उन्होंने समझाया कि कानूनी जिम्मेदारी सिर्फ उन संस्थाओं पर लगती है जिन्हें कानून मान्यता देता है। इंसान कानूनी व्यक्ति होते हैं। कंपनियां और कुछ संगठन भी कानूनी अधिकार और जिम्मेदारियां रखते हैं। जिनमें गलत काम के लिए सजा शामिल है। लेकिन रोबोट को कानूनी व्यक्ति नहीं माना जाता। इसलिए अभी किसी रोबोट को अपराधी मानकर मुकदमा या सजा नहीं दी जा सकती। भले ही उसका किया गया काम अपराध की श्रेणी में आए। वहीं कानून विशेषज्ञ डेविड यूरेटिच ने वर्ल्ड इकोनमिक फोरम में लिखा कि मौजूदा कानूनी व्यवस्था लोगों और संगठनों को नियंत्रित करने के लिए बनी है। स्वतंत्र रूप से काम करने वाली मशीनों के लिए नहीं अपराधिक कानून में दो चीजें जरूरी होती हैं। निषेध काम यानी कि एक्ट और दोषी की नियत और रोबोट को अपराधी मानने में समस्या यही है क्योंकि मशीन शारीरिक हरकत तो कर सकती है लेकिन इंसान जैसी नियत साबित करना बहुत मुश्किल है। जर्मनी के ह्यूमनाइट रोबोट मामले में नियत पता लगाना बहुत जरूरी है। रोबोट की शारीरिक हरकतें अपने आप में यह साबित नहीं करती कि उसने खुद लड़की पर यौन हमला करने का इरादा किया। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर रोबोट का इस्तेमाल गैर कानानूनी काम के लिए करता है तो उस व्यक्ति पर आपराधिक जिम्मेदारी लग सकती है। लेकिन अगर हरकतें तकनीकी खराबी से हुई तो लापरवाही, प्रोडक्ट सेफ्टी या अन्य जिम्मेदारी के सवाल उठ सकते हैं। वीडियो में इतना ही। नमस्कार।
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Assuntos: Robótica e humanoides. Publicado no YouTube em 2026-10-15.
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